bade tevada : कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मतांतरण और शव दफनाने के विषय को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बड़े तेवड़ा में एक मतांतरित सरपंच के पिता के शव को दफनाने के विरोध में हुई हिंसा के बाद अब चारामा के ग्राम तेलगुड़ा में भी अफवाहों के चलते ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
बड़े तेवड़ा में हिंसा और आगजनी: विवाद की शुरुआत बड़े तेवड़ा गांव से हुई, जहाँ ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद प्रशासन ने विधिक प्रक्रिया के तहत एक मतांतरित व्यक्ति के शव को कब्र से बाहर निकलवाया। इसके बाद माहौल बिगड़ गया और कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी, तोड़फोड़ व आगजनी शुरू कर दी। इस हिंसा में अंतागढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आशीष बंछोर सहित 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उपद्रवियों ने स्थानीय चर्च और प्रार्थना स्थलों को भी नुकसान पहुँचाया है।
तेलगुड़ा में अफवाह और पुलिस की सफाई: शनिवार को चारामा थाना क्षेत्र के ग्राम तेलगुड़ा में भी तनाव की स्थिति बनी, जब यह अफवाह फैली कि बड़े तेवड़ा वाले शव को यहाँ दफनाया गया है। ग्रामीणों का समूह थाने पहुँचा और शव हटाने की मांग की। हालांकि, चारामा थाना प्रभारी तेज वर्मा ने स्पष्ट किया कि वहां कोई शव नहीं दफनाया गया है। उन्होंने बताया कि नदी किनारे रेत खदान के ठेकेदार द्वारा किए गए भूमिपूजन की सामग्री (नारियल, फूल) को ग्रामीणों ने शव दफनाने की वेदी समझ लिया था।
प्रशासनिक मुस्तैदी: हालात को देखते हुए बस्तर आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी अमित तुकाराम कांबले, कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर और एसपी इंदिरा कल्याण एलीसेला ने स्वयं मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्पष्ट किया है कि कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में पूरे इलाके में पुलिस बल फ्लैग मार्च कर रहा है और सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है।











