SBI : नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने होम लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। अब नई ब्याज दरें 7.50% से 8.70% तक होंगी। पहले ये दरें 7.50% से 8.45% तक थीं। यानी निचली सीमा जस की तस रही है, लेकिन ऊपरी सीमा में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर दिया गया है। यह बदलाव केवल नए ग्राहकों पर लागू होगा।
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घर खरीददारों के लिए मुश्किलें
जिन ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर बेहतर है, उन्हें कम ब्याज दर पर लोन मिलेगा। लेकिन जिनका स्कोर कमजोर है, उन्हें 8.70% तक ब्याज चुकाना पड़ सकता है। जुलाई में भी एसबीआई ने ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे अब नया घर खरीदने वालों की EMI और महंगी हो जाएगी।
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अन्य बैंकों की स्थिति
अन्य बैंकों की बात करें तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में अपनी ब्याज दरें 7.35% से 7.45% तक कर दी हैं। निजी बैंकों में आईसीआईसीआई बैंक 8%, एचडीएफसी बैंक 7.90% और एक्सिस बैंक 8.35% न्यूनतम ब्याज दर पर होम लोन उपलब्ध करा रहे हैं।
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आरबीआई की नीति और विरोधाभास
बैंक का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) लगातार रेपो रेट में कटौती कर रहा है ताकि ग्राहकों को सस्ते लोन की सुविधा मिल सके। पिछले कुछ महीनों में तीन बार रेपो रेट घटाया गया है, लेकिन SBI का यह कदम दिखाता है कि पब्लिक सेक्टर बैंक अपने हिसाब से ब्याज दरों को तय कर रहे हैं।
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आम लोगों पर असर
महंगाई और बढ़ते खर्चों के बीच SBI का यह फैसला नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग पर बोझ बढ़ा सकता है। अब नए घर खरीदने वालों को ज्यादा EMI चुकानी होगी और उनका सपना और महंगा हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अन्य पब्लिक सेक्टर बैंक भी इसी राह पर चल सकते हैं।













