संभल : संभल जिले में हुई हालिया हिंसा के मास्टरमाइंड गैंगस्टर शारिक उर्फ साठा के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार सुबह पुलिस ने उसकी बेनामी संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया शुरू करते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच थानों की फोर्स मौके पर मौजूद रही।
सुबह करीब 11 बजे पुलिस दल-बल के साथ मोहल्ला हिंदूपुरा खेड़ा पजाया पहुंचा, जहां शारिक साठा की अवैध संपत्ति स्थित है। हयानगर, संभल कोतवाली, रायसत्ती और नक्खाशा थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।
भारत का सबसे बड़ा ऑटो लिफ्टर बताया जा रहा शारिक साठा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शारिक उर्फ साठा को भारत का सबसे बड़ा ऑटो लिफ्टर माना जाता है। उसके खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और हालिया संभल हिंसा से जुड़े गंभीर आरोप शामिल हैं।
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पुलिस का दावा है कि संभल हिंसा के दौरान भीड़ को भड़काने, हथियारों की सप्लाई और पूरे नेटवर्क को निर्देश देने में शारिक की अहम भूमिका थी। वह अपने गुर्गों के जरिए घटनाओं को अंजाम दिलवाता रहा।
दुबई से चला रहा था पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि शारिक साठा फिलहाल दुबई में बैठकर अपना पूरा आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा है। उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किया जा चुका है और उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया गया है।
SIT जांच में हुआ बड़े षड्यंत्र का खुलासा
संभल हिंसा की जांच कर रही एसआईटी को पुख्ता सबूत मिले हैं कि यह घटना एक संगठित साजिश का हिस्सा थी। जांच के दौरान शारिक साठा को मुख्य साजिशकर्ता पाया गया। इसके बाद पुलिस ने उसके तीन करीबी गुर्गों—गुलाम, वारिस और मुल्ला अफरोज को गिरफ्तार किया।पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि शारिक के निर्देश पर दंगाइयों को हथियार मुहैया कराए गए थे।
कुर्की के दौरान इलाके में सुरक्षा कड़ी
संपत्ति कुर्की की कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में डुगडुगी बजाकर सार्वजनिक सूचना दी गई। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
मौके पर एएसपी उत्तरी कुलदीप सिंह, सीओ असमोली कुलदीप कुमार, तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह, लेखपाल ज्ञानेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि संभल हिंसा के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और अवैध संपत्ति पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।













