संभल (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार को सलेमपुर सालार गांव में करीब ढाई हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बने एक अवैध मदरसे को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों, प्रशासनिक जांच और नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद की गई।
सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था मदरसा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिस मदरसे पर कार्रवाई हुई वह न तो किसी सरकारी विभाग में पंजीकृत था और न ही इसके निर्माण के लिए आवश्यक नक्शा स्वीकृत कराया गया था। इसके बावजूद वर्षों से वहां गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। जांच में यह भी सामने आया कि यह मदरसा मुख्य सड़क से सटी करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाया गया था।
कमर्शियल गतिविधियों का भी खुलासा
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि मदरसे के बाहरी हिस्से में कई दुकानें बनाई गई थीं, जिनका उपयोग व्यावसायिक रूप से किया जा रहा था। इन दुकानों से किराया वसूला जा रहा था, जबकि यह पूरी जमीन सार्वजनिक श्रेणी में आती है। इसी कारण प्रशासन ने मदरसे के साथ-साथ दुकानों को भी हटाने का निर्णय लिया।
#WATCH | Sambhal, UP | DM Rajendra Pensia says, “Wherever there is encroachment, we had warned and made the encroachers aware earlier as well. After that, we are identifying everyone and filing cases against them under Section 67, and we are removing all the encroachments through… https://t.co/iOzMAHGmUj pic.twitter.com/D50IXdXcBJ
— ANI (@ANI) January 4, 2026
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई
शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई स्वयं कार्रवाई की निगरानी करते नजर आए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
पहले दिए गए थे नोटिस
जिलाधिकारी ने बताया कि अवैध कब्जे को लेकर पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन तय समयसीमा में अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके चलते प्रशासन को बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार, यह कब्जा करीब 20 से 25 साल पुराना था।
जुर्माना और आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने अवैध कब्जे के मामले में 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही कार्रवाई में आने वाला खर्च भी अतिक्रमणकर्ताओं से वसूला जाएगा। डीएम ने स्पष्ट किया कि आगे भी जिले में जहां-जहां अवैध कब्जे मिलेंगे, वहां इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।













