Thursday, September 17, 2026
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Salasar Balaji Aarti : घंटे-घड़ियाल की गूँज से गुंजायमान हुआ सलासर मंदिर, भक्त हुए भाव-विह्वल

Salasar Balaji Aarti
Salasar Balaji Aarti

सलासर: राजस्थान के प्रसिद्ध सलासर बालाजी मंदिर में 29 नवंबर की तड़के सुबह अत्यंत पावन और दिव्य वातावरण देखने को मिला। सूर्योदय से पहले ही “जय श्री बालाजी” और “हनुमान जी की जय” के जयकारों से पूरा मंदिर क्षेत्र गूँज उठा।देशभर से आए भक्त सुबह-सुबह दर्शन के लिए मंदिर के बाहर लंबी कतारों में खड़े नज़र आए। हल्की सर्द हवाओं के बीच मंदिर का शांत, पवित्र और ऊर्जा से भरा वातावरण हर किसी के मन में आध्यात्मिक आनंद भर रहा था।

दीपों की रौशनी और घंटे-घड़ियाल की ध्वनि ने सजाई भक्ति की सुबह
ठीक सुबह 6 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दिन की पहली आरती आरंभ हुई। मंदिर के पुजारियों ने दीपों के प्रकाश के बीच पवित्र आरती उतारी, जिससे पूरा परिसर अद्भुत आभा से जगमगा उठा।घंटे-घड़ियाल की गूँज, भजन-कीर्तन की लय और हवन की पवित्र सुगंध ने वातावरण को अप्रतिम आध्यात्मिकता से भर दिया। भक्तों ने बालाजी महाराज के चरणों में पुष्प अर्पित कर मनोकामनाएँ व्यक्त कीं और अपने भीतर गहरी शांति महसूस की।

चंदन और पुष्पों के साथ सम्पन्न हुआ दिव्य अभिषेक
आज के पावन अवसर पर बालाजी महाराज का अभिषेक परंपरागत विधि से किया गया। पुजारियों ने जल, चंदन, तुलसी, पुष्प और प्रसाद अर्पित कर पूजा सम्पन्न की।सामूहिक हनुमान चालीसा और स्तोत्रों की मधुर ध्वनि से मंदिर परिसर का हर कोना आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हुए इस दिव्य अनुष्ठान का हिस्सा बनने पर स्वयं को सौभाग्यशाली माना।

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डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी जुड़ा विशाल भक्त समुदाय
जो भक्त मंदिर नहीं पहुँच सके, उनके लिए मंदिर प्रशासन ने यूट्यूब, फेसबुक और आधिकारिक वेबसाइट पर आरती का लाइव प्रसारण उपलब्ध कराया।भारत सहित विदेशों में बसे लाखों भक्त ऑनलाइन आरती से जुड़े और बालाजी महाराज के दर्शन कर आध्यात्मिक संतोष प्राप्त किया। तकनीक और परंपरा का यह अनूठा मेल आज की सुबह को विशेष बना गया।

भक्तों के हृदय में जागी अपार शांति और नई ऊर्जा
आरती में शामिल भक्तों का कहना था कि सुबह की यह पूजा मन को स्थिरता, शांति और ऊर्जा प्रदान करती है।सलासर बालाजी मंदिर की तड़के की आरती श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बनकर उनके मन में सदैव अंकित हो गई।

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