भोपाल: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक कार्यक्रम में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दो विवादित और भड़काऊ बयान दिए, जिससे राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मच गई।
हथियार रखने और हिंसा का आह्वान
साध्वी प्रज्ञा ने मंच से कहा कि हर घर में हथियार रखने की तैयारी करनी चाहिए और उनकी धार तेज रखी जाए। उन्होंने दुर्गा वाहिनी की महिलाओं से आह्वान किया कि यदि कोई दुश्मन घर की दहलीज पार करने का प्रयास करे तो उसे बीच में रोक दिया जाए। उन्होंने कहा:
“जब हमारी बेटियों-बहनों को घरों से उठाकर उनके टुकड़े रोड पर बिखेर दिए जाते हैं, तो हमारे अंदर बहुत पीड़ा होती है। इस पीड़ा को बाहर निकालने के लिए दुश्मन को बीच में से काट देना चाहिए।”
स्वतंत्रता संग्राम और नेहरू पर आरोप
साध्वी प्रज्ञा ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का नाम लिए बिना उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि आजादी ‘बिना खड्ग, बिना ढाल’ के मिली है, वे स्वार्थी और सत्तालोलुप लोग थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के बाद ऐसा व्यक्ति प्रधानमंत्री बना जिसे न वोटों में, न देश के मन में स्वीकार्यता मिली, और जिसने देश के हित में कोई विशेष सेवा नहीं की। उन्होंने कहा कि नेहरू अपने कपड़े पेरिस में धुलवाने भेजते थे, अंग्रेज़ों की चाटुकारिता करते थे और अंग्रेजी महिलाओं के सामने नतमस्तक रहते थे।
साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि ऐसे नेताओं को प्रधानमंत्री बनाकर देश से कुठाराघात किया गया, जिसकी नीतियों के कारण आज भी देश में बंटवारे और विरोध के हालात बनाए जा रहे हैं।











