कसरावद : कसरावद क्षेत्र सहित प्रदेश के कई इलाकों में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, जिससे अन्नदाताओं के सामने रोज़ी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव का बयान
पूर्व कृषि मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक सचिन यादव ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों हुई ओलावृष्टि और अत्यधिक बारिश से प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
विगत दिनों हुई ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से प्रदेश के अनेकों क्षेत्रों में हमारे अन्नदाताओं की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं ।
मैं सरकार से मांग करता हूँ कि तत्काल प्रभाव से नुकसान का व्यापक सर्वे कराया जाए और किसानों को शीघ्र व उचित मुआवजा प्रदान किया जाए ।
जय जवान, जय किसान । pic.twitter.com/yyHVjTEIBg— Sachin Subhashchandra Yadav (@SYadavMLA) January 29, 2026
तत्काल सर्वे की उठाई मांग
सचिन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार को बिना देरी किए फसल नुकसान का व्यापक सर्वे कराना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके। उन्होंने कहा कि समय पर सर्वे नहीं होने से किसानों को सही मुआवज़ा नहीं मिल पाता, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं।
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उचित और शीघ्र मुआवज़े की अपील
विधायक ने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों को शीघ्र और उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाए, जिससे वे दोबारा खेती की तैयारी कर सकें। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही महंगे बीज, खाद और सिंचाई की मार झेल रहे हैं, ऐसे में प्राकृतिक आपदा ने हालात और खराब कर दिए हैं।
अन्नदाता के साथ खड़े होने की जरूरत
सचिन यादव ने कहा कि अन्नदाता देश की रीढ़ है और संकट की घड़ी में सरकार का कर्तव्य है कि वह किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहे। उन्होंने अपने बयान के अंत में “जय जवान, जय किसान” का नारा देते हुए किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रदेश में लगातार बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के बीच किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संभाला जा सके।













