Rewa Crime Update: रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और अपनी तरह का पहला अनोखा मामला प्रकाश में आया है। यहाँ शातिर चोरों ने पुलिस की नाकाबंदी और चेकिंग से बचने के लिए किसी निजी या कमर्शियल गाड़ी का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के एक सरकारी शव वाहन (मर्चुरी वैन) का इस्तेमाल किया। जिस वाहन का उपयोग सम्मानपूर्वक शवों को गंतव्य तक पहुँचाने के लिए किया जाता है, उसमें चोर बकरियां ठूंस-ठूंस कर चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। गुढ़ थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके अन्य साथियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
ग्रामीणों की गवाही से खुला राज, घेराबंदी कर पकड़ाया मुख्य आरोपी प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरा मामला रीवा जिले के गुढ़ थाना अंतर्गत ग्राम पोखरा का है। यहाँ एक स्थानीय पशुपालक (फरियादी) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसके घर से अज्ञात चोरों ने 6 बकरियां पार कर दी हैं। मामला दर्ज होते ही गुढ़ थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। जब पुलिस टीम ने घटनास्थल के आस-पास के ग्रामीणों से बारीकी से पूछताछ की, तो एक संदिग्ध सुराग हाथ लगा। ग्रामीणों ने बताया कि चोरी के समय इलाके में एक सरकारी एम्बुलेंस या शव वाहन जैसा दिखने वाला सफेद रंग का वाहन काफी देर तक मंडरा रहा था। इस इनपुट के आधार पर एसडीओपी उदित मिश्रा के निर्देशन में पुलिस की 3 से 4 विशेष टीमें गठित कर तत्काल सर्चिंग अभियान शुरू किया गया।
सीएमएचओ को लिखा पत्र, बरामद हुईं चोरी की बकरियां पुलिस की सघन घेराबंदी के चलते आखिरकार सफलता हाथ लगी और टीम ने संदेह के आधार पर राजेश मिश्रा नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया। पुलिसिया पूछताछ में पहले तो आरोपी गुमराह करता रहा, लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की बकरियां बरामद कर ली हैं और इस गिरोह में शामिल उसके एक अन्य साथी को भी दबोच लिया है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त सरकारी शव वाहन को भी जब्त कर लिया है और उसकी कानूनी जब्ती की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
गंभीर लापरवाही का मामला, जांच जारी एसडीओपी उदित मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि यह न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि सरकारी सेवा और संपत्ति की घोर प्रशासनिक लापरवाही का भी जीवंत उदाहरण है। जनता की सुविधा के लिए अनुबंधित या आवंटित वाहन का इस तरह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होना बेहद चिंताजनक है। पुलिस प्रशासन ने इस गंभीर विषय को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को एक कड़ा पत्र लिखकर सूचित किया है ताकि संबंधित वाहन चालक या जिम्मेदार विभाग पर भी विभागीय गाज गिर सके। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के जरिए गिरोह के अन्य फरार सदस्यों के ठिकानों का पता लगा रही है।









