Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामला: 80 किलो के डमी पुतले से CBI ने री-क्रिएट किया क्राइम सीन, सास और पति से तीखे सवाल

Twisha Sharma Death Case: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ‘ट्विशा शर्मा मौत मामले’ में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने अपनी तफ्तीश बेहद तेज कर दी है। 29 मई को कोर्ट से मिली रिमांड अवधि समाप्त होने से पहले, सीबीआई की एक विशेष टीम मामले के मुख्य संदिग्धों— ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को लेकर उनके भोपाल स्थित निवास स्थान पर पहुंची। यहां टीम ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में 12 मई को हुई इस रहस्यमयी घटना के पूरे सिलसिले को वैज्ञानिक तरीके से री-क्रिएट (Crime Scene Recreation) किया। इस दौरान वारदात के सच को समझने के लिए सीबीआई ने विशेष रूप से तैयार किए गए 80 किलोग्राम के डमी पुतले का इस्तेमाल किया, ताकि फंदे से शव को उतारने की थ्योरी को बारीकी से परखा जा सके।

पोस्टमार्टम और परिजनों के दावों में लंबाई का अंतर, दो पुतलों से जांच सीबीआई जांच में एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ट्विशा की लंबाई को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पीड़ित परिवार के बयानों में काफी अंतर पाया गया था। इस तकनीकी उलझन को दूर करने और घटना की सही ऊंचाई को कैलकुलेट करने के लिए सीबीआई ने दो अलग-अलग हाइट (लंबाई) के डमी पुतले तैयार करवाए थे। आरोपी पति समर्थ सिंह ने अपने शुरुआती बयान में दावा किया था कि उसने अकेले ही ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि उसकी मां गिरिबाला सिंह ने जिमनास्टिक बेल्ट के फंदे की गांठ खोली थी। सीबीआई की टीम इस समय ‘लिगेचर’ (फंदे के रूप में इस्तेमाल बेल्ट) की क्षमता और उसकी गांठों की बनावट को परख रही है कि क्या वह बेल्ट इतना वजन झेलने में सक्षम थी या नहीं।

हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत निरस्त होते ही 17 दिन बाद हुई गिरफ्तारी उल्लेखनीय है कि 12 मई को हुई ट्विशा की संदिग्ध मौत के बाद से ही यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। ट्रायल कोर्ट द्वारा ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) ने गंभीर तथ्यों के आधार पर निरस्त कर दिया था, जिसके ठीक बाद 28 मई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अगले ही दिन 29 मई को सीबीआई ने सख्त पूछताछ के लिए मां-बेटे दोनों को 2 जून तक की विशेष रिमांड पर ले लिया। वारदात के बाद पति समर्थ सिंह का अचानक शहर से लापता हो जाना, फिर नाटकीय अंदाज में आत्मसमर्पण करना और सास द्वारा दिए गए कई विवादित बयानों ने इस मामले को शुरू से ही संदिग्ध बना रखा था।

सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों से खुलेगा राज सीबीआई अब घटना के पहले और बाद की सभी महत्वपूर्ण सीसीटीवी रिकॉर्डिंग्स, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी को मामला सौंपे जाने के बाद से पीड़ित परिवार और आम जनता में निष्पक्ष पड़ताल की उम्मीद काफी मजबूत हो गई है। फॉरेंसिक री-क्रिएशन की यह विस्तृत रिपोर्ट अब सीधे अदालत के समक्ष पेश की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश छिपी हुई थी।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

raipur-gold-shop-robbery-arrest:लक्ष्य ज्वेलर्स चोरी केस: डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने दबोचे आरोपी

raipur-gold-shop-robbery-arrest: राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स...

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Mahakaleshwar Bhasma Aarti : उज्जैन महाकाल मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त की भव्य भस्म आरती, गूंजे जयघोष

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क।मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर...

Related Articles

Popular Categories