Rewa Innocent Death Protest : रीवा (28 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। लोही निवासी बृजभान सेन की 1 वर्ष 4 माह की मासूम नातिन अन्नपूर्णा सेन की एम्स भोपाल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मौत के पीछे परिजनों ने स्थानीय रसूखदारों और प्रशासन की मिलीभगत को जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को बिलखते परिजन बच्ची का शव लेकर आईजी कार्यालय पहुँचे और न्याय की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया।
खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर था परिवार परिजनों का आरोप है कि राजनीतिक रसूख रखने वाले वरुण मिश्रा और सबलू मिश्रा के दबाव में प्रशासन ने रामनाथ सेन का घर जमींदोज कर दिया था। घर टूटने के बाद पूरा परिवार कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर था। इसी दौरान मासूम अन्नपूर्णा ठंड की चपेट में आकर गंभीर रूप से बीमार हो गई। उसे पहले रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से हालत बिगड़ने पर उसे एम्स भोपाल रेफर किया गया, जहाँ उसने दम तोड़ दिया।
डिप्टी सीएम के घर अंतिम संस्कार की चेतावनी आईजी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे पिता अमर बहादुर सेन और अन्य परिजनों ने सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि आज दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज नहीं हुआ, तो वे मासूम बच्ची का अंतिम संस्कार अमहिया स्थित डिप्टी सीएम (उपमुख्यमंत्री) के आवास के बाहर करेंगे। पीड़ित परिवार ने कहा, “चाहे हमारा मर्डर ही क्यों न हो जाए, हम पीछे नहीं हटेंगे। रसूखदारों ने हमारा हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया है।”
प्रशासनिक मिलीभगत पर सवाल पीड़ित परिवार की मुख्य मांग है कि जिन अधिकारियों ने रसूखदारों के इशारे पर घर गिराने की अनुमति दी, उन पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही, दोषियों पर तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज कर पीड़ित परिवार के पुनर्वास और आर्थिक सहायता की व्यवस्था की जाए। आईजी कार्यालय के बाहर घंटों चले इस हंगामे के दौरान पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन परिजनों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है।











