Saturday, September 5, 2026
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Kondagaon Forest Conservation : जंगलों की सुरक्षा के लिए वन विभाग का ‘मास्टरस्ट्रोक’; पारंपरिक ग्राम प्रमुखों का सम्मान, वनाग्नि रोकने की दी गई ट्रेनिंग

Kondagaon Forest Conservation : रोशन सेन/माकड़ी/कोंडागांव (28 फरवरी 2026): जंगलों को आग (वनाग्नि) से सुरक्षित रखने के लिए वन मंडल कोंडागांव ने एक ऐसी पहल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन सकती है। डीएफओ चूड़ामणि सिंह के मार्गदर्शन में अमरावती वन मंडल में पहली बार ग्राम स्तर के पारंपरिक पदाधिकारियों—मांझी, चालकी, पटेल, गायता एवं पुजारी—के लिए विशेष सम्मान समारोह और अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

परंपरा और संरक्षण का मेल इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि सम्मानित किए गए ये प्रमुख वन विभाग के वेतनभोगी कर्मचारी नहीं हैं। ये गांव के वे सामाजिक नेतृत्वकर्ता हैं, जिनकी बात पूरा समाज मानता है। वन विभाग ने इन्हें सम्मानित कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जंगलों की सुरक्षा केवल सरकारी तंत्र की नहीं, बल्कि समूचे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

अमरावती रेंजर श्रीलाल ने दी महत्वपूर्ण जानकारी कार्यक्रम में उपस्थित अमरावती रेंजर श्रीलाल और डिप्टी रेंजर ने ग्राम प्रमुखों को वनाग्नि से बचाव के व्यावहारिक गुर सिखाए। रेंजर श्रीलाल ने कहा, “ये पारंपरिक प्रमुख हमारे जंगलों के वास्तविक संरक्षक हैं। इनका प्रभाव जमीनी स्तर पर अत्यंत गहरा है। हमने इन्हें न केवल आग रोकने की तकनीक सिखाई है, बल्कि जंगलों में मिलने वाली दुर्लभ औषधि और जड़ी-बूटियों की पहचान व उनके सतत उपयोग की जानकारी भी दी है, ताकि ग्रामीणों को आर्थिक लाभ भी मिल सके।”

प्रशिक्षण में सिखाए गए सुरक्षा के गुर प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों और प्रमुखों को फायर लाइन निर्माण, त्वरित सूचना प्रणाली (Alert System), सामुदायिक निगरानी और आपातकालीन स्थिति में समन्वय स्थापित करने के तरीके विस्तार से बताए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्राम प्रमुखों और उपस्थित ग्रामीणों ने जंगलों को आग से बचाने और वन संपदा की रक्षा करने का सामूहिक संकल्प लिया।

भविष्य में दिखेंगे सकारात्मक परिणाम विशेषज्ञों का मानना है कि वन विभाग और ग्रामीणों के बीच इस तरह के समन्वय से वनाग्नि जैसी आपदाओं पर लगाम कसने में मदद मिलेगी। जब गांव के पारंपरिक प्रमुख स्वयं आगे आकर वनों की रक्षा करेंगे, तो वन अपराधों और आग लगने की घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी।

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