Raja Raghuvanshi Murder Case : इंदौर/शिलॉन्ग। देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले राजा रघुवंशी हत्याकांड में इंदौर की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मुख्य आरोपी राज कुशवाहा सहित चारों अन्य आरोपियों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
हनीमून के दौरान हुई थी हत्या यह पूरा मामला मई 2025 का है, जब इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने मेघालय के शिलॉन्ग गए थे। वहां से दोनों संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। हफ्तों की तलाश के बाद राजा का शव शिलॉन्ग की एक गहरी घाटी में बरामद हुआ, जिसके शरीर पर धारदार हथियारों के कई निशान थे। पुलिस जांच में सामने आया कि राजा की पत्नी सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने मिलकर इस हत्याकांड की साजिश रची थी।
सोनम की जमानत पर बढ़ा विवाद मामले में तब नया मोड़ आया जब मुख्य मास्टरमाइंड मानी जा रही सोनम रघुवंशी को शिलॉन्ग कोर्ट से जमानत मिल गई। इस फैसले से राजा के परिजन और पुलिस दोनों हैरान थे। मेघालय सरकार ने अब सोनम की जमानत को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर 12 मई को सुनवाई होनी है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी और उनकी मां ने भावुक होकर सोनम की जमानत रद्द करने और मामले की CBI जांच कराने की मांग की है।
नाटकीय ढंग से पकड़ी गई थी पत्नी बता दें कि राजा की हत्या के बाद सोनम लापता हो गई थी और बाद में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से नाटकीय ढंग से बरामद हुई थी। लंबी पूछताछ के बाद शिलॉन्ग पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। फिलहाल, राज कुशवाहा और उसके साथी सलाखों के पीछे हैं, जबकि सोनम की आजादी पर 12 मई को हाईकोर्ट फैसला सुनाएगा।









