रायपुर; राजधानी रायपुर में नगर निगम ने लंबे समय से लंबित संपत्ति कर की वसूली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। निगम प्रशासन ने वर्षों से टैक्स जमा नहीं करने वाले चार बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके छह व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया। इस कदम के बाद बकायेदारों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
प्रशासन के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त आईएएस कुमार विश्वदीप के निर्देश पर की गई। अपर आयुक्त राजस्व कृष्णा खटीक, उपायुक्त राजस्व जागृति साहू और जोन-10 कमिश्नर विवेकानंद दुबे के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग की टीम ने अभियान चलाया। जोन सहायक राजस्व अधिकारी गौरीशंकर साहू के नेतृत्व में संबंधित वार्डों में पहुंचकर सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
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नोटिस के बावजूद नहीं किया भुगतान
नगर निगम के अनुसार संबंधित बकायेदारों को पहले डिमांड बिल, डिमांड नोटिस और अंतिम नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद संपत्ति कर की राशि जमा नहीं कराई गई। मजबूरन निगम को सख्ती दिखाते हुए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सीलबंद करना पड़ा।
करोड़ों का बकाया, कई वार्ड प्रभावित
जोन-10 के पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड, बाबू जगजीवन राम वार्ड और लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड में रहने वाले बकायेदारों पर लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का कर बकाया था। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित छह परिसरों पर ताला लगाकर सील कर दिया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति कर वसूली अभियान आगे भी जारी रहेगा। समय पर टैक्स जमा नहीं करने वाले अन्य बकायेदारों के खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए जल्द से जल्द बकाया कर जमा करें।













