Raipur News-Urban Development Scheme: रायपुर: रायपुर के खम्हारडीह क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। तेजी से बढ़ती आबादी के बावजूद इलाके में पर्याप्त जल आपूर्ति व्यवस्था नहीं बन पाई है, जिससे लोगों को सालभर पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गर्मियों में यह परेशानी और अधिक बढ़ जाती है।
जल संकट को दूर करने के लिए सरकार ने नगरोत्थान योजना के तहत लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से नई पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार परियोजना को मंजूरी दी थी। लेकिन मंजूरी मिलने के कई महीने बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर पानी टंकी का निर्माण प्रस्तावित है, वह महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन है। नगर निगम को अब तक विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिला है, जिसके कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
इस देरी का असर खम्हारडीह और आसपास के कई इलाकों पर पड़ रहा है। सेल्स टैक्स कॉलोनी, अवंती विहार, शंकर नगर के कुछ हिस्सों सहित कई क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। फिलहाल नगर निगम पांच टैंकरों के जरिए प्रतिदिन करीब 50 ट्रिप पानी पहुंचा रहा है। वहीं कई लोगों को निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, क्योंकि क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार घट रहा है।
परियोजना को मार्च में प्रशासनिक मंजूरी मिली थी। इसके बाद भूमि चयन कर संबंधित विभाग को NOC के लिए प्रस्ताव भेजा गया। 23 अप्रैल को भूमिपूजन की तैयारी भी कर ली गई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने से कार्यक्रम टालना पड़ा।
अब मानसून के आगमन से परियोजना में और देरी की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द NOC मिल भी जाती है, तब भी बारिश के दौरान निर्माण कार्य शुरू करना कठिन होगा। ऐसे में काम मानसून के बाद ही गति पकड़ सकेगा और लोगों को अगले गर्मी सीजन तक भी राहत मिलने की संभावना कम है।
Raipur News-Urban Development Scheme: वार्ड पार्षद पुष्पा रोहित साहू ने निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय पर अनुमति मिल जाती तो मानसून से पहले निर्माण कार्य शुरू हो सकता था। अब लोगों को अगले वर्ष भी पानी की समस्या झेलनी पड़ सकती है।
Raipur News-Urban Development Scheme: वहीं जलकार्य विभाग के कार्यपालन अभियंता नरसिंह फरेंद्र ने कहा कि परियोजना को जल्द शुरू कराने के प्रयास जारी हैं। निगम आयुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से चर्चा की है और आवश्यक पत्राचार भी किया गया है। विभाग को उम्मीद है कि NOC मिलने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।









