Raipur News: पुलिस की कार्रवाई में खुलती गई अवैध शराब की परतें, शराब दुकान के कर्मचारी ही बने तस्कर…

Sanjay Sahu
Raipur News:

Raipur News: आरंग। रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरंग, मंदिर हसौद और खरोरा थाना क्षेत्रों में बीते करीब 45 दिनों में पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में अवैध शराब जब्त किए जाने से क्षेत्र में सक्रिय शराब के अवैध कारोबार की तस्वीर सामने आई है।

Raipur News: ताजा मामले में मंदिर हसौद पुलिस ने तीन कथित शराब तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 100 पौवा देशी शराब और नकदी बरामद की है। इसके अलावा छह अन्य लोगों के खिलाफ आबकारी और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

45 दिनों में 1600 से ज्यादा पौवा शराब जब्त

Raipur News: पुलिस से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर ग्रामीण के तीन थाना क्षेत्रों में पिछले 45 दिनों के दौरान अवैध शराब के कई मामले दर्ज किए गए। आरंग थाना क्षेत्र में 26 मामले दर्ज हुए। पुलिस ने 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर 675 पौवा अवैध शराब जब्त की। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में 26 मामलों में 26 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 423 पौवा शराब बरामद की गई। वहीं, खरोरा थाना क्षेत्र में दर्ज 26 मामलों में पुलिस ने 513 पौवा अवैध शराब जब्त की।

इस तरह तीनों थाना क्षेत्रों में पुलिस ने करीब 1,600 से अधिक पौवा अवैध शराब बरामद की है। लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध शराब की सप्लाई और बिक्री पर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

सरकारी शराब दुकानों से सप्लाई के आरोप

इस पूरे मामले का एक गंभीर पहलू सरकारी शराब दुकानों से कथित तौर पर अवैध सप्लाई से जुड़ा है। हाल ही में आरंग पुलिस की गुल्लू स्थित शराब दुकान में हुई कार्रवाई में सुपरवाइजर, सेल्समैन, मल्टी-वर्कर और एक संकुल समन्वयक शिक्षक समेत सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। पुलिस के अनुसार, इन लोगों की भूमिका शराब की अवैध बिक्री या तस्करी से जुड़ी पाई गई।

सरकारी शराब दुकान से जुड़े कर्मचारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई ने आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल

आरंग, मंदिर हसौद और खरोरा क्षेत्र में पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी है। लेकिन सवाल यह है कि पुलिस की कार्रवाई से पहले इन गतिविधियों की जानकारी आबकारी अमले तक क्यों नहीं पहुंच रही थी?

Raipur News: यदि सरकारी शराब दुकानों से ही अवैध रूप से शराब की सप्लाई किए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह निगरानी व्यवस्था के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही का भी विषय बनता है। अब देखना होगा कि आबकारी विभाग इन मामलों में क्या कार्रवाई करता है और अवैध शराब के नेटवर्क को रोकने के लिए आगे कौन से कदम उठाए जाते हैं।

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