Raipur History-sheeter Rohit Tomar Arrest : रायपुर (17 फरवरी 2026): राजधानी रायपुर के चर्चित और बेहद खतरनाक हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर की ‘आजादी’ पर एक बार फिर ब्रेक लग गया है। कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2019 के एक पुराने मामले में अदालत से जारी स्थायी वारंट की तामीली करते हुए रोहित को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
कोतवाली थाने में वर्ष 2019 में रोहित तोमर के खिलाफ धारा 327 (उगाही के लिए चोट पहुँचाना), 384 (वसूली) और 506 (जान से मारने की धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला लंबे समय से कोर्ट में विचाराधीन था। कोर्ट की पेशियों में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण अदालत ने रोहित के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था। डीसीपी उमेश गुप्ता द्वारा पुराने वारंटों की समीक्षा के बाद एसीपी दीपक मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर आरोपी को दबोचा गया।
दो दर्जन अपराधों का लंबा काला चिट्ठा
रोहित तोमर और उसका भाई वीरेंद्र तोमर रायपुर पुलिस की सूची में ‘टॉप’ अपराधियों में शामिल हैं। इन दोनों भाइयों पर हत्या, दुष्कर्म, मारपीट, वसूली और सूदखोरी जैसे करीब 24 गंभीर मामले दर्ज हैं।
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2013 का मर्डर केस: 2013 के एक हत्या के मामले में दोनों भाइयों की हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन भी खारिज हो चुकी है।
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सूदखोरी और फरार: हाल ही में सूदखोरी की शिकायतों पर आठ नए मामले दर्ज होने के बाद दोनों भाई फरार हो गए थे, जिसमें रोहित पर ₹5,000 का इनाम भी घोषित हुआ था। हालांकि, रोहित को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन पुराने वारंट ने उसे फिर जेल पहुँचा दिया।
हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ सख्त संदेश
रायपुर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी में गुंडागर्दी और वसूली करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर के सभी हिस्ट्रीशीटरों और उनके पुराने रिकॉर्ड्स की समीक्षा की जा रही है। यदि कोई भी आरोपी कोर्ट की पेशी से बचता है या नए अपराध में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ इसी तरह की त्वरित कार्रवाई की जाएगी।













