Raipur Crime : रायपुर : रायपुर पुलिस ने म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए एक फरार स्थायी वारंटी और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खाते खरीदते थे और उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बेच देते थे। इन खातों का इस्तेमाल अवैध लेन-देन और साइबर फ्रॉड के लिए किया जाता था।
Raipur Crime : मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। श्यामनगर इंदिरा चौक तेलीबांधा निवासी पवन यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पवन यादव किराना दुकान चलाते हैं। उनकी दुकान पर पूजा सिंह नाम की महिला अक्सर सामान लेने आती थी, जिससे दोनों के बीच जान-पहचान हो गई थी। फरवरी 2026 में पूजा सिंह अपने साथी सुनील यादव को लेकर दुकान पर आई और बताया कि कंपनी का पैसा आने वाला है, लेकिन उनका ऑनलाइन बैंकिंग काम नहीं कर रहा है। इस बहाने उन्होंने पवन यादव से उनका बैंक ऑफ महाराष्ट्र का खाता नंबर और एटीएम कार्ड ले लिया।
Raipur Crime : कुछ समय बाद दोनों आरोपी फिर से पवन यादव के पास पहुंचे और बताया कि उनके पैसे खाते में फंस गए हैं और खाते की लिमिट खत्म हो गई है। इसके बाद पवन यादव से उनके एचडीएफसी बैंक खाते में डेढ़ लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए। इसमें से 50 हजार रुपये एटीएम से निकाले गए और बाकी एक लाख रुपये इंडसइंड बैंक खाते में जमा कर चेक के जरिए सुनील यादव को दे दिए गए।
Raipur Crime : कुछ दिनों बाद पवन यादव को बैंक ऑफ महाराष्ट्र से फोन आया कि उनके खाते में 1.50 लाख रुपये का होल्ड लगाया गया है, क्योंकि उस खाते से फ्रॉड से जुड़ा लेन-देन हुआ है। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया।
Raipur Crime : वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देकर सुनील यादव उर्फ सोनू और पूजा सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
Raipur Crime : जांच में सामने आया कि आरोपी छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खाते खरीदते थे और बाद में इन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बेच देते थे। इन म्यूल खातों का इस्तेमाल अवैध लेन-देन और साइबर अपराधों के लिए किया जाता था।
Raipur Crime : पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी सुनील यादव उर्फ सोनू पहले भी मारपीट और लूट के मामलों में जीआरपी चरौदा से जेल जा चुका है। इसके अलावा वह दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में दर्ज लूट के मामले में स्थायी वारंटी भी है और लंबे समय से फरार चल रहा था।
Raipur Crime : पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर उनके कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 13 एटीएम कार्ड, 7 पासबुक, 8 सिम कार्ड और 3 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।
Raipur Crime : गिरफ्तार आरोपी-
01. सुनील यादव उर्फ सोनू उर्फ विक्की पिता स्व. सुरेश यादव उम्र 32 साल निवासी रेल नगर बी.एम.वाय चरौदा थाना चरौदा जिला दुर्ग हाल पता श्याम नगर इंद्रा चौक थाना तेलीबांधा रायपुर।
02. पूजा सिंह पिता स्व. कैलाश सिंह उम्र 30 साल निवासी पावर हाउस हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी म.नं. 270 भिलाई थाना जामुल जिला दुर्ग हाल पता श्याम नगर इंद्रा चौक थाना तेलीबांधा रायपुर।











