Tuesday, September 15, 2026
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Bageshwar Dham Dhirendra Krishna Shastri : बागेश्वर धाम: ‘धर्मज माता-पिता’ बनकर बेटियों के विवाह का सहारा बने भक्त, महाराज श्री ने दिया साधुवाद

Bageshwar Dham Dhirendra Krishna Shastri : छतरपुर: सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में शिवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव सेवा और समर्पण की एक मिसाल बन गया है। पिछले 7 वर्षों से निरंतर चल रहे इस अनुष्ठान में इस वर्ष उन सभी ‘धर्मज माता-पिता’ को सम्मानित किया गया, जिन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर, अनाथ और दिव्यांग बेटियों के विवाह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ईश्वर की विशेष कृपा का कार्य बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कन्या विवाह जैसे पवित्र आयोजन में सहयोग करना महज एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि ईश्वर की विशेष कृपा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “इस सेवा कार्य के लिए बहुत से लोग आगे आते हैं, लेकिन जिन्हें प्रत्यक्ष रूप से बेटियों का कन्यादान करने का सौभाग्य मिला, उन्हें स्वयं बालाजी ने इस पुण्य कार्य के लिए चुना है।”

दिखावे से दूर, सेवा ही सनातन की पहचान महाराज श्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि दान हमेशा निस्वार्थ होना चाहिए। उन्होंने कहा, “दान बताने के लिए नहीं, बल्कि देने के लिए होता है। सच्चा दान वही है जो बिना किसी दिखावे और बिना किसी अपेक्षा के किया जाए।” उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से आह्वान किया कि वे हर वर्ष गरीब और निर्धन बेटियों का सहारा बनें ताकि उनके वैवाहिक जीवन में खुशियां आ सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे सेवा कार्य ही सनातन परंपरा और समाज को मजबूत बनाने का असली आधार हैं।

अगले वर्ष का दिया न्योता कार्यक्रम के अंत में बागेश्वर महाराज ने सभी धर्मज माता-पिता और सहयोग करने वाले भक्तों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को अगले वर्ष महाशिवरात्रि पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह महोत्सव में पुनः शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। महाराज श्री ने संकल्प दोहराया कि इस सेवा अभियान को भविष्य में और भी अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा, ताकि कोई भी जरूरतमंद कन्या विवाह के सुख से वंचित न रहे।

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