देहरादून। उत्तराखंड में बारिश और तबाही : उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने राज्य में भारी तबाही मचा दी है। राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में उफनती नदियों और नालों ने घरों, सड़कों और पुलों को बहा दिया है। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य में अब तक लगभग 900 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
उत्तराखंड में बारिश और तबाही : टोंस और सोंग नदियों का कहर
देहरादून जिले के विकासनगर इलाके में टोंस नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसी दौरान नदी पार कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज धारा में पलट गई, जिसमें छह लोगों की मौत हुई और चार अभी भी लापता हैं। मृतकों में मुरादाबाद जिले के मुढ़िया जैन गांव के फरमान, सोमवती, रीना, हरचरण, नरेश और मदन शामिल हैं। लापता हरिओम, राजकुमार, किरण और सुंदरी का पता नहीं चल सका है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का ऐलान किया है।
उत्तराखंड में बारिश और तबाही
मंदिर और सड़कें जलमग्न
भारी बारिश के चलते देहरादून में सोंग और टोंस नदियां उफान पर हैं। टपकेश्वर महादेव मंदिर का परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया और प्रवेश द्वार पर स्थित विशाल हनुमान प्रतिमा का आधा हिस्सा पानी में डूब गया। कई सड़कें टूट गईं और पुल बह गए, जिससे यातायात बाधित हुआ। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तेज धाराओं में फंसे लोगों को रस्सियों और नावों की मदद से बचा रही हैं।
राहत-बचाव कार्य जारी
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक अब तक 900 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। देवभूमि संस्थान में फंसे 400 से अधिक छात्र भी बचा लिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया और कहा कि राज्य सरकार युद्धस्तर पर राहत-बचाव अभियान चला रही है।
अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। देहरादून, टिहरी, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में अभी भी बारिश का दौर जारी है।













