Raipur Korba Gevra Railway News: बिलासपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ से सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी और असुविधाजनक खबर है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले जांजगीर-नैला रेलवे स्टेशन पर ऑटो सिग्नलिंग प्रणाली को दुरुस्त करने और चौथी रेल लाइन को जोड़ने का महत्वपूर्ण ढांचागत कार्य किया जाना है। इस गैर-इंटरलोकिंग (Non-Interlocking) कार्य के चलते रेलवे प्रशासन ने आगामी 22 जून 2026 से 3 जुलाई 2026 तक कई महत्वपूर्ण लोकल, मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह और आंशिक रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
पूरी तरह रद्द रहने वाली ट्रेनों की सूची:
परियोजना को सुरक्षित और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए निम्नलिखित ट्रेनों का परिचालन अस्थाई रूप से बंद रहेगा:
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रायगढ़-बिलासपुर-रायगढ़ मेमू (68737/68738): 22 जून से 03 जुलाई तक रद्द।
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बिलासपुर-गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू (68734/68733): 22 जून से 03 जुलाई तक रद्द।
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बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू (68732/68731): 22 जून से 03 जुलाई तक रद्द।
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रायपुर-गेवरा रोड मेमू (68746): 21 जून से 02 जुलाई तक रद्द।
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रायपुर-कोरबा पैसेंजर (58204): 21 जून से 02 जुलाई तक रद्द।
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गेवरा रोड-रायपुर मेमू (68745): 22 जून से 03 जुलाई तक रद्द।
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कोरबा-रायपुर पैसेंजर (58203): 22 जून से 03 जुलाई तक रद्द।
आधे रास्ते में समाप्त होने वाली (Short-Terminate) ट्रेनें:
कुछ प्रमुख ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही रोक दिया जाएगा और वहीं से वापस संचालित किया जाएगा:
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गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर (68861): 22 जून से 03 जुलाई तक यह ट्रेन केवल बिलासपुर स्टेशन तक ही जाएगी। बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा।
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झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर (68862): यह ट्रेन इसी अवधि में झारसुगुड़ा के बजाय बिलासपुर स्टेशन से शॉर्ट-ओरिजिनेट होकर गोंदिया के लिए अपनी यात्रा प्रारंभ करेगी।
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से चलेगी
लोकल ट्रेनों के निरस्तीकरण के साथ-साथ लंबी दूरी की ट्रेनों का समय भी प्रभावित होगा। रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 01 जुलाई 2026 को कोरबा रेलवे स्टेशन से रवाना होने वाली कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (18237) अपने निर्धारित समय से लगभग दो घंटे की देरी से संचालित की जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बिलासपुर-चांपा चौथी लाइन परियोजना के पूरा होने से भविष्य में ट्रेनों की गति बढ़ेगी और लेटलतीफी से निजात मिलेगी, हालांकि इस ब्लॉक अवधि के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद जताया गया है।









