Raigarh Mitti Mafia Sambalpuri : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़ (6 फरवरी 2026): जिले के ग्राम संबलपुरी से अवैध खनन का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक तंत्र की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक रसूखदार व्यक्ति द्वारा पोकलेन मशीनों के जरिए रात के अंधेरे में मिट्टी की ‘खुलेआम डकैती’ की जा रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का भी अपमान हो रहा है।
अंधेरे का खेल और रसूख की धमक
ग्रामीणों का आरोप है कि हरिओम अग्रवाल नामक व्यक्ति प्लास्टिक फैक्ट्री के पास स्थित क्षेत्र में बेखौफ होकर अवैध उत्खनन करा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, हर रात 4 से 5 हाईवा वाहन मिट्टी भरकर शहर के विभिन्न हिस्सों में ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। माफिया ने इस काम के लिए रात का वक्त चुना है ताकि प्रशासन की नजरों से बचा जा सके, हालांकि ग्रामीणों का दावा है कि यह सब ‘अधिकारियों की मौन सहमति’ से हो रहा है।
पंचायत के प्रस्ताव की उड़ी धज्जियां
लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई ‘ग्राम सभा’ के निर्णय को भी इस माफिया ने रद्दी का टुकड़ा मान लिया है।
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प्रस्ताव क्रमांक 24: 24 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत संबलपुरी ने स्पष्ट प्रस्ताव पारित कर बाहरी व्यक्तियों द्वारा मिट्टी या बालू के उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।
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बावजूद इसके, माफिया की पोकलेन मशीनें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
कलेक्टर की चौखट पर ग्रामीण: “अब आर-पार की जंग”
खनिज विभाग की निष्क्रियता से तंग आकर सरपंच ललिता राठिया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
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शिकायत की अनदेखी: 29 जनवरी को खनिज अधिकारी को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन रसूख के दबाव में विभाग ने एक कदम भी नहीं उठाया।
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पर्यावरण को खतरा: अनियंत्रित खुदाई से भूमि का जलस्तर नीचे जा रहा है और उपजाऊ मिट्टी नष्ट हो रही है।
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आंदोलन की चेतावनी: ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि तत्काल अवैध उत्खनन और परिवहन नहीं रुका, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
बड़ा सवाल: क्या रायगढ़ का खनिज विभाग वाकई इस भारी-भरकम मशीनों और हाईवा के रेले से बेखबर है? या फिर ‘ऊपर’ तक पहुंच का दावा करने वाले माफिया ने विभाग के हाथ बांध दिए हैं?









