छत्तीसगढ़ में भी ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप पर बैन, स्वास्थ्य विभाग ने दिए निर्देश…

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छत्तीसगढ़
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रायपुर: राजस्थान और मध्य प्रदेश में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप पीने से 12 मासूम बच्चों की मौत के बाद देशभर में दहशत का माहौल है। जांच में इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक जहरीले केमिकल की अत्यधिक मात्रा पाई गई है, जो किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इस खुलासे के बाद मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश, और दिल्ली जैसे राज्यों ने इस सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं छत्तीसगढ़ में भी अब इसे बैन करने की तैयारी है।

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छत्तीसगढ़ में नहीं है सप्लाई, फिर भी अलर्ट

श्रीसन फार्मा (तमिलनाडु) द्वारा निर्मित इस सिरप को लेकर छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। विभाग का कहना है कि तमिलनाडु की इस कंपनी के कफ सिरप की राज्य में कोई सप्लाई नहीं है, और दवा कारोबारियों ने भी इसकी पुष्टि की है। छत्तीसगढ़ दवा कारोबारी अश्वनी विग ने बताया कि यहां न तो ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप की सप्लाई है और न ही इस कंपनी का कोई गोदाम।

बावजूद इसके, लोगों में किसी भी तरह के भ्रम या दहशत को रोकने के लिए राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने इस सिरप को छत्तीसगढ़ में भी प्रतिबंधित करने का फैसला किया है।

दहशत का माहौल और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें

मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत की खबरों के बाद, छत्तीसगढ़ में भी लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया है। सोशल मीडिया के जरिए ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसने आम जनता की चिंता को और बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य विभाग बाजार पर कड़ी नजर बनाए हुए है और सुनिश्चित कर रहा है कि यह प्रतिबंधित सिरप किसी भी दुकान पर न बिके।

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केंद्र और अन्य राज्यों का एक्शन

जहरीला केमिकल: जांच रिपोर्ट में ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप में 48.6% डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया गया है।

प्रतिबंध: मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में इस सिरप की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

केंद्रीय जांच: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिरप के नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है और छह राज्यों में कंपनी की 19 अन्य दवाओं की भी जांच चल रही है।

एडवाइजरी: केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को 2 साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी-जुकाम की दवा न देने के लिए एडवाइजरी भी जारी की है।

बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर, इस सिरप पर देशभर में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना न हो।

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