Raigarh Bike Theft Gang : रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय बाइक चोर गिरोह को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह न केवल बाइक चोरी करता था, बल्कि लोक सेवा केंद्र और आरटीओ के पूर्व ऑपरेटरों की मदद से उनके फर्जी दस्तावेज और आरसी (रजिस्ट्रेशन कार्ड) तैयार कर उन्हें बाजार में असली बताकर बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य सरगना सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और इनके पास से 25 चोरी की बाइक, एक एप्पल लैपटॉप और कलर प्रिंटर जब्त किया है।
ऐसे होता था फर्जीवाड़े का खेल पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य चोर मुकेश चौहान अपने साथी विकेश दास (जो वर्तमान में जेल में है) के साथ मिलकर बाजारों से बाइक चोरी करता था। पकड़े जाने के डर से उसने लैलूंगा के एक ऑटो डीलर मैनेजर चंद्र कुमार यादव से संपर्क किया। इसके बाद अजय पटेल (पूर्व आरटीओ कंप्यूटर ऑपरेटर) और संजय अगरिया (लोक सेवा केंद्र संचालक) को गिरोह में शामिल किया गया। अजय पटेल चोरी की बाइक के चेचिस नंबर से असली मालिक का डेटा निकालता और अमेजन से मंगाए गए पीबीसी (PBC) कार्ड पर कंप्यूटर के जरिए हूबहू फर्जी आरसी प्रिंट कर देता था।
ऑटो डीलरों को भी रखा अंधेरे में आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे कोतबा के एक ऑटो डीलर को भी झांसे में लिया और वहां करीब 8 चोरी की बाइक खपा दीं। पुलिस ने जब संदिग्ध मुकेश प्रधान को दो बाइक के साथ पकड़ा, तो कड़ियां जुड़ती गईं और लैलूंगा से लेकर भूपदेवपुर तक फैले इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे अब तक पूंजीपथरा, तमनार और घरघोड़ा जैसे इलाकों से दर्जनों बाइक पार कर चुके हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
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मुकेश चौहान: मुख्य चोर (लैलूंगा)
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चंद्र कुमार यादव: ऑटो डीलर मैनेजर (लैलूंगा)
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पुरुषोत्तम प्रधान: कैश मैनेजर (लैलूंगा)
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अजय पटेल: पूर्व आरटीओ ऑपरेटर (भूपदेवपुर) – फर्जी दस्तावेज निर्माता
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संजय अगरिया: लोक सेवा केंद्र ऑपरेटर
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मुकेश प्रधान: चोरी की बाइक खरीदार
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इरशाद खान: ऑटो डीलर कर्मी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस बड़ी कामयाबी के लिए पूंजीपथरा थाना और साइबर सेल की टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस का प्रहार आगे भी जारी रहेगा।













