Child HealthCare: पोषण केंद्र बना बीमारियों का घर, रायगढ़ के छैडोरिया गांव में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर मंडराया संकट

Child HealthCare: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ियों के माध्यम से नौनिहालों और गर्भवती माताओं को कुपोषण मुक्त बनाने के सरकारी दावे जमीनी धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। जिले के घरघोड़ा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम छैडोरिया में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां केंद्र परिसर में लगे हैंडपंप से अत्यधिक आयरनयुक्त, पीला और दुर्गंधयुक्त दूषित पानी निकल रहा है। मजबूरी में इसी असुरक्षित पानी का सेवन आंगनबाड़ी में आने वाले 0 से 6 वर्ष तक के मासूम बच्चों, गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं को करना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।

पीएचई और महिला बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल पेयजल की शुद्धता और उसकी नियमित निगरानी की सीधी जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) और जल जीवन मिशन की है, जबकि केंद्र के भीतर बच्चों की सुरक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था को देखना महिला एवं बाल विकास विभाग का काम है। इस संवेदनशील मुद्दे पर दोनों ही जिम्मेदार विभागों की आपसी समन्वयहीनता और घोर उदासीनता साफ उजागर हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि हैंडपंप के पानी से इतनी तेज दुर्गंध आती है कि उसे सामान्य तौर पर छूना भी दूभर है, लेकिन प्रशासनिक अमला किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

पारंपरिक कुएं बेहतर, हैंडपंप उगल रहे जहर; वैज्ञानिक जांच की मांग स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि इस पूरे मैदानी इलाके में भूजल स्तर प्रभावित होने के कारण अधिकांश हैंडपंपों और बोरवेल के पानी में आयरन सहित अन्य अवांछित तत्वों की मात्रा जानलेवा स्तर तक बढ़ चुकी है। इसके विपरीत, क्षेत्र के पारंपरिक कुओं का पानी अपेक्षाकृत साफ और पीने योग्य पाया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल मांग की है कि इस दूषित पानी की प्रयोगशाला में वैज्ञानिक जांच कराई जाए क्योंकि इसमें आयरन के अलावा अन्य हानिकारक रसायनों के होने की भी प्रबल आशंका है। ग्रामीणों ने बच्चों के जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आंगनबाड़ी में तत्काल शुद्ध और सुरक्षित पेयजल का वैकल्पिक प्रबंध सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

मामला अत्यंत गंभीर है और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। छैडोरिया आंगनबाड़ी केंद्र के जल स्रोत की जांच के लिए पीएचई विभाग की तकनीकी टीम को तत्काल मौके पर भेजा जा रहा है। पानी के सैंपल की लैब टेस्टिंग रिपोर्ट आने तक वहां बच्चों के लिए टैंकर अथवा अन्य सुरक्षित माध्यमों से शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाएगी। — जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग (रायगढ़)

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

raipur-gold-shop-robbery-arrest:लक्ष्य ज्वेलर्स चोरी केस: डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने दबोचे आरोपी

raipur-gold-shop-robbery-arrest: राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories