नई दिल्ली/इंदौर : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 17 जनवरी को मध्य प्रदेश के इंदौर दौरे पर आ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी शहर के भागीरथपुरा इलाके में पहुंचकर दूषित पानी से प्रभावित परिवारों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। इस दौरे को कांग्रेस की ओर से सरकार पर बढ़ते दबाव के तौर पर देखा जा रहा है।
दूषित पानी बना मौत की वजह, 23 लोगों की जान गई
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। पहला मामला 21 दिसंबर को सामने आया था, जिसके बाद लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती गई। महाराजा यशवंत राव होलकर अस्पताल समेत शहर के कई अस्पतालों में पीड़ितों का इलाज जारी है। राज्य सरकार ने इलाज का खर्च वहन करने और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस इस पूरे मामले को लेकर लगातार बीजेपी सरकार पर हमलावर है। पार्टी का आरोप है कि लापरवाही और समय पर कार्रवाई न होने के कारण इतनी बड़ी त्रासदी हुई। कांग्रेस नेताओं ने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
‘न्याय यात्रा’ के जरिए जताया गया विरोध
घटना के विरोध में कांग्रेस ने 11 जनवरी को ‘न्याय यात्रा’ निकाली थी। यह यात्रा बड़ा गणपति चौराहे से राजवाड़ा तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तथा महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी का दौरा बढ़ा सकता है सियासी ताप
अगर राहुल गांधी इंदौर पहुंचते हैं, तो यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चर्चा में आ सकता है। माना जा रहा है कि कांग्रेस इसे जन स्वास्थ्य और प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाएगी।











