निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भारत के महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत शनिवार का दिन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। 28 फरवरी को अफ्रीका के बोत्सवाना से 8 चीते (6 मादा और 2 नर) भारत पहुंचेंगे। यह चीतों का तीसरा बड़ा जत्था होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ग्वालियर में इनका स्वागत करेंगे।
IAF की मदद से कुनो तक सफर
प्रोजेक्ट चीता के डायरेक्टर उत्तम शर्मा के अनुसार, बोत्सवाना से इंडियन एयर फोर्स के विमान द्वारा चीते ग्वालियर लाए जाएंगे, जिसमें लगभग 9 से 10 घंटे का समय लगेगा। इसके बाद दो IAF हेलीकॉप्टर के जरिए इन्हें कुनो नेशनल पार्क (KNP) पहुंचाया जाएगा। शनिवार सुबह 9 से 10 बजे के बीच इनके कुनो पहुंचने की उम्मीद है।
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कुनो में क्वारंटाइन और विशेष तैयारी
नए चीतों के लिए कुनो नेशनल पार्क में विशेष बाड़े तैयार किए गए हैं। यहां उन्हें करीब एक महीने तक क्वारंटाइन में रखा जाएगा ताकि वे नए वातावरण में सुरक्षित ढल सकें। पार्क में सुरक्षित लैंडिंग के लिए पांच हेलिपैड भी तैयार किए गए हैं।
चीतों की संख्या बढ़कर 46 होगी
इस नए बैच के शामिल होते ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी। 2023 से अब तक कुनो में 39 शावकों का जन्म हुआ है, जिनमें से 27 जीवित हैं। कुछ चीतों को गांधी सागर वाइल्डलाइफ सेंचुरी में भी शिफ्ट किया गया है। प्रोजेक्ट चीता वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भारत का एक अहम प्रयास बन चुका है।











