Pharmaceuticals : नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ को लेकर तीखा बयान देते हुए फार्मास्यूटिकल्स पर आयात शुल्क को 250% तक बढ़ाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि दवाएं देश में ही बनें, इसलिए आयात पर भारी शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा, “यह शुल्क पहले 150% होगा और फिर 250% तक जाएगा।”
हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रारंभिक टैरिफ दर क्या होगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले सप्ताह में सेमीकंडक्टर और चिप्स पर भी टैरिफ लगाने की योजना है, लेकिन उसके विवरण साझा नहीं किए।
ट्रंप के इस बयान का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा। फार्मा कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को गिरावट देखी गई। बीएसई का सेंसेक्स 308.47 अंक टूटकर 80,710.25 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 73.20 अंक गिरकर 24,649.55 पर पहुंच गया।
भारत पर भी ट्रंप ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “भारत एक अच्छा ट्रेडिंग पार्टनर नहीं रहा है।” उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि भारत लगातार रूसी तेल खरीद रहा है, जो अमेरिका की नीति के खिलाफ है। इसी के चलते उन्होंने भारत से आयातित उत्पादों पर वर्तमान 25% टैरिफ को बढ़ाने का संकेत दिया है। साथ ही, रूस से तेल एवं गैस खरीदने को लेकर भारत पर अलग से दंड लगाने की भी बात कही।
क्यों है ये खबर अहम?
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ट्रंप का बयान वैश्विक फार्मा ट्रेड के समीकरण को बदल सकता है।
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भारतीय फार्मा कंपनियों की अमेरिका पर भारी निर्भरता है।
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बाजार में अस्थिरता और निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल।













