नई दिल्ली – हाल ही में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और मशहूर कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पीएचडी करने की योजना का ऐलान किया है। लेकिन उनके द्वारा चुना गया सब्जेक्ट सुनकर लोग हैरान रह गए।
पंडित शास्त्री ने बताया कि उनका शोध विषय भूत-प्रेत, अलौकिक घटनाओं और पारानॉर्मल अध्ययन से संबंधित होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसे विश्वविद्यालय मौजूद हैं, जो पैरानॉर्मल स्टडी, परासाइकोलॉजी और अलौकिक घटनाओं पर शोध को मान्यता देते हैं।
एडिनबरा यूनिवर्सिटी का उदाहरण
रिपोर्ट्स के अनुसार, एडिनबरा विश्वविद्यालय का कोस्टलर परासाइकोलॉजी यूनिट इस क्षेत्र में सबसे प्रसिद्ध है। यहाँ छात्र ऐतिहासिक संदर्भ, अलौकिक घटनाओं, सपनों और मानसिक क्षमताओं का अध्ययन कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी पिछले 50 सालों से इस तरह के कोर्स ऑफर कर रही है।
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सांस्कृतिक मानवशास्त्र में शोध
पंडित शास्त्री ने यह भी बताया कि उनका शोध कल्चरल एंथ्रोपोलॉजी (सांस्कृतिक मानवशास्त्र) से जुड़ा होगा। इस विषय में मानव समाज, रीति-रिवाज, धर्म और सामाजिक व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। दुनिया के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जैसे हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज और स्टैनफोर्ड इस कोर्स को पढ़ाते हैं।
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शास्त्री का कहना है कि इस शोध के माध्यम से वे अलौकिक घटनाओं और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के बीच संबंधों को समझने का प्रयास करेंगे।











