निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भारत में बढ़ते मोटापे के बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। वजन घटाने में इस्तेमाल होने वाली दवा Ozempic अब जल्द ही जेनरिक रूप में उपलब्ध हो सकती है, जिससे इसकी कीमत में काफी कमी आने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो महंगी होने के कारण अब तक इस दवा का उपयोग नहीं कर पा रहे थे।
पेटेंट खत्म, कई कंपनियां लॉन्च करेंगी दवा
Ozempic बनाने वाली कंपनी Novo Nordisk का पेटेंट खत्म होने के बाद अब दुनिया भर की करीब 40 कंपनियां इस दवा के अपने-अपने ब्रांड लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इनमें कई कंपनियां इसे जेनरिक रूप में भी बाजार में उतार सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी पहली खेप भारत में भी जल्द आने की संभावना है।
जेनरिक दवाएं क्यों हैं अहम?
विशेषज्ञों के अनुसार, जेनरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं जितनी ही प्रभावी होती हैं, क्योंकि उनमें वही सक्रिय तत्व (सॉल्ट) होता है। अंतर केवल ब्रांड और कीमत का होता है। कम कीमत होने के कारण अधिक लोग इन दवाओं तक पहुंच बना सकते हैं।
Read More : IAS Ravi Mittal : छत्तीसगढ़ के IAS रवि मित्तल को PMO में बड़ी जिम्मेदारी, डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त
एक्सपर्ट्स की सलाह
दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, अगर वजन घटाने वाली दवाएं जेनरिक रूप में उपलब्ध होती हैं, तो यह लाखों मरीजों के लिए बड़ा लाभ साबित होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी दवाओं का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
किन लोगों को होगा ज्यादा फायदा?
यह दवाएं खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं, जिनका वजन काफी अधिक है, जिन पर डाइट और एक्सरसाइज का असर नहीं हो रहा, या जो डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
मोटापा: एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापा अब केवल लाइफस्टाइल समस्या नहीं रहा, बल्कि यह दिल की बीमारी, डायबिटीज और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में सस्ती और प्रभावी दवाओं की उपलब्धता स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है।











