“Operation Wire” : रीवा: रीवा पुलिस ने ‘ऑपरेशन वायर’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, जिले में पिछले दो वर्षों से हो रही 60 से अधिक तार चोरी की वारदातों का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस अंतर्राज्यीय गिरोह के 17 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से ₹50 लाख से अधिक का चोरी किया गया कीमती माल बरामद हुआ है। पुलिस की इस कार्रवाई से विद्युत विभाग (MPEB) और आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
“Operation Wire” : रीवा जिले में RDSS योजना और MPEB के विद्युत तारों, रैबिट कंडक्टर और इंसुलेटर की लगातार हो रही चोरियों को पुलिस ने गंभीरता से लिया था। इन वारदातों को सुलझाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने गहन जाँच शुरू की। गिरोह का पता लगाने के लिए पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और रीवा के साथ-साथ सीधी, सतना, कटनी और उत्तर प्रदेश पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया।
“Operation Wire” : जाँच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस गिरोह के कई सदस्य पूर्व में बिजली विभाग के ठेकेदारों से जुड़े हुए थे, जिससे उन्हें तारों की चोरी और बिक्री से होने वाले बड़े मुनाफे की जानकारी थी। चोरी के पैसों से इन अपराधियों ने वारदात में उपयोग होने वाले महंगे वाहन भी खरीदे थे। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह सिर्फ रीवा में ही नहीं, बल्कि सतना, सीधी, कटनी और पन्ना जिलों में भी सक्रिय था।
“Operation Wire” : पुलिस ने मुख्य तार चोरी की वारदातों के साथ-साथ, सोलर पावर प्लांट से केबल और कॉपर तार चोरी करने वाले 03 आरोपियों को भी पकड़ा है। दोनों घटनाओं को मिलाकर, पुलिस ने कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से ₹50 लाख से अधिक कीमती चोरी का माल बरामद हुआ है, जिसमें 05 लग्जरी वाहन भी शामिल हैं जिन्हें वे चोरी के लिए इस्तेमाल करते थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्यों पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।













