Koriya Triple Murder 2026: बैकुंठपुर/कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज आपराधिक खबर सामने आ रही है। जिले के सोनहत ब्लॉक अंतर्गत ग्राम नौगई में हुए बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले तिहरे हत्याकांड (Triple Murder) मामले में चार प्रमुख आरोपियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों की पहचान मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी के रूप में की गई है। इस बेहद संवेदनशील और निर्मम हत्याकांड में नामजद कुल 9 आरोपियों में से 4 को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि 4 के सरेंडर के बाद अब सिर्फ एक आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
फॉर्च्यूनर कार में पेट्रोल डालकर लगाई थी आग
यह रूह कंपा देने वाली वारदात 16 जून 2026 की रात को अंजाम दी गई थी। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के महलपारा निवासी भारत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, जो कि भाजपा के स्थानीय नेता होने के साथ-साथ गिट्टी क्रेशर और रेत खदान के बड़े ठेकेदार थे, उनकी फॉर्च्यूनर कार को घेरकर आरोपियों ने पेट्रोल छिड़क दिया और जिंदा आग लगा दी। इस हमले में भाजपा नेता लल्ला सिंह की कार के भीतर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई थी, जबकि घटना में बुरी तरह झुलसे वीरेंद्र सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस खूनी संघर्ष में कुल तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि गंभीर रूप से घायल तीन अन्य लोगों को अंबिकापुर के बाद रायपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
रेत के काले कारोबार और ठेकेदारी की रंजिश में हत्या
पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि इस खौफनाक वारदात के पीछे इलाके में चलने वाला रेत का काला कारोबार और ठेकेदारी का विवाद है। मृतक भाजपा नेता लल्ला सिंह का अपने गांव में क्रेशर प्लांट था और उन्होंने गांव से कुछ दूरी पर एक रेत खदान लीज पर ले रखी थी। इस खदान और ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर लल्ला सिंह गुट और त्रिपाठी परिवार के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी। 16 जून (मंगलवार) को दोनों गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि त्रिपाठी गुट ने बेहद क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दे डाला।
पुलिस की खामोश और कड़ी तफ्तीश जारी
हैरानी की बात यह भी सामने आ रही है कि गिरफ्तार और सरेंडर करने वाले कुछ आरोपियों के तार भी सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े हुए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोरिया पुलिस बेहद खामोशी और फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। पूरे इलाके में इस घटना के बाद से भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सरेंडर करने वाले चारों आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि इस पूरे साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा सके और फरार आखिरी आरोपी को भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके।









