Bastar Karpawand News: बस्तर के करपावंड में जमीन सीमांकन पर बवाल, सरकारी काम में बाधा डालने वाले 12 ग्रामीण पहुंचे जेल

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Bastar Karpawand News:जगदलपुर/बस्तर: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के अंतर्गत आने वाले करपावंड क्षेत्र में जमीन विवाद और कोर्ट के आदेश पर हो रहे सीमांकन का विरोध करने वाले ग्रामीणों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। तहसीलदार न्यायालय के आदेश का पालन कराने पहुंची राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के साथ हुज्जतबाजी और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लोक शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर कुल 21 ग्रामीणों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है, जिनमें से 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर तत्काल जेल भेज दिया गया है।

कोर्ट के आदेश पर 19 जून को पहुंची थी टीम

मिली जानकारी के मुताबिक, तहसीलदार न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद पांच आवेदकों की जमीन का आधिकारिक सीमांकन (नाप-जोख) तय किया गया था। इस आदेश के तहत बीते कल यानी 19 जून 2026 को तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (RI), पटवारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर नापी करने पहुंचे थे। जैसे ही टीम ने अपनी कागजी और जमीनी प्रक्रिया शुरू की, वैसे ही कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध करते हुए मौके पर भारी हंगामा खड़ा कर दिया। ग्रामीणों के एक गुट ने कानून को हाथ में लेते हुए सीमांकन की शासकीय प्रक्रिया को जबरन रुकवाने और अधिकारियों को डराने का प्रयास किया।

अधिकारियों से हुज्जतबाजी, गंभीर धाराओं में केस दर्ज

प्रशासन ने इस पूरे हंगामे और विरोध प्रदर्शन को बेहद गंभीरता से लिया है। मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ बदतमीजी और कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखने के आरोप में मुख्य सूत्रधारों की पहचान की गई है। इस मामले में दो स्थानीय ग्रामीणों- डाकीन नेताम और मनीराम बघेल को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इन दोनों पर ऑन-ड्यूटी राजस्व व पुलिस अधिकारियों के साथ हुज्जतबाजी करने, उन्हें धमकी देने और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का सीधा आरोप है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

प्रशासन की दोटूक: कानून तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

करपावंड पुलिस का कहना है कि पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए गहन जांच की जा रही है। साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर इस मामले में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान कर आगे भी दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बस्तर जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए सख्त संदेश दिया है कि न्यायालय के वैधानिक आदेशों के पालन में बाधा डालने वाले और लोक शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानून के अनुसार सबसे कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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