CG Education Dept Order: सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ा आदेश; जुलाई महीने का वेतन ऑनलाइन अटेंडेंस से ही मिलेगा

VIKASH KHALKHO

CG Education Dept Order: रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य के लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेश के सभी संभाग संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि राज्य के सरकारी शिक्षकों का जुलाई महीने का वेतन अनिवार्य रूप से ऑनलाइन अटेंडेंस (Online Attendance) के आधार पर ही दिया जाएगा।

DPI के इस नए फरमान के सामने आते ही प्रदेश के शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और नई व्यवस्था को लेकर शिक्षकों के बीच भ्रम और असंतोष का माहौल बन गया है।

शिक्षक संघ ने दर्ज कराई कड़ी आपत्ति

DPI के इस फैसले का छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया है।

संघ के प्रांत अध्यक्ष संजय तिवारी ने बयान जारी कर कहा:

“राज्य के दूरदराज और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को लगातार मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ता है। इसके अलावा कई बार आधिकारिक ‘उपस्थिति ऐप’ (Attendance App) भी तकनीकी खामियों के कारण सही तरीके से काम नहीं करता है। ऐसे में नेटवर्क या ऐप की गड़बड़ी की वजह से अगर किसी शिक्षक की हाजिरी दर्ज नहीं हो पाती है, तो उस आधार पर उनका वेतन रोकना पूरी तरह से गैर-वाजिब और अन्यापूर्ण है।”

संस्था प्रमुख और प्रिंसिपल से सत्यापन की मांग

शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली में आ रही व्यावहारिक व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखा जाए।

संघ का कहना है कि:

  • यदि किसी शिक्षक की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में तकनीकी या नेटवर्क संबंधी कोई समस्या आती है, तो उसका सत्यापन संस्था प्रमुख, स्कूल के प्राचार्य (Principal) या प्रभारी प्रमुख से कराया जाना चाहिए।

  • किसी भी स्थिति में तकनीकी खामी का खामियाजा शिक्षकों को उनके वेतन रोके जाने के रूप में नहीं भुगतना पड़ना चाहिए।

विभाग में भ्रम की स्थिति

DPI द्वारा जारी आदेश में कार्यालयों में तैनात अंशकालिक कर्मचारियों के लिए भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, शिक्षकों के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस और अपवाद की स्थितियों को लेकर दिशा-निर्देश पूरी तरह से स्पष्ट नहीं होने के कारण पूरे शिक्षा विभाग में असमंजस और भ्रम का माहौल बना हुआ है। अब देखना होगा कि शिक्षक संघ के विरोध के बाद विभाग इसमें क्या राहत प्रदान करता है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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