निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देते हुए नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, अब यदि कोई एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू नहीं है तो यात्रियों से पूरी लंबाई का टोल नहीं लिया जाएगा। नए प्रावधान के तहत सिर्फ चालू और उपयोग योग्य हिस्से के लिए ही शुल्क वसूला जाएगा, वह भी राष्ट्रीय राजमार्ग की दरों के अनुसार।
पहले क्या था नियम
अब तक स्थिति यह थी कि एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा निर्माणाधीन होने के बावजूद यात्रियों से पूरी दूरी का टोल लिया जाता था।साथ ही एक्सप्रेसवे पर टोल दरें सामान्य नेशनल हाईवे की तुलना में करीब 25% अधिक होती हैं, जिससे यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था।
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नए नियम से किसे मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से:
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निजी वाहन चालकों का सफर खर्च कम होगा
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ट्रक और बस ऑपरेटरों की परिवहन लागत घटेगी
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एक्सप्रेसवे के चालू हिस्सों का उपयोग बढ़ेगा
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पुराने हाईवे पर ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आएगी
इससे लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन की गति भी तेज होने की उम्मीद है।
कब से लागू होंगे संशोधित नियम
नेशनल हाईवे शुल्क (दर निर्धारण एवं वसूली) संशोधन नियम, 2026
➡ 15 फरवरी 2026 से प्रभावी होंगे।
ये नियम एक वर्ष तक या एक्सप्रेसवे के पूर्ण रूप से चालू होने तक, जो भी पहले हो, लागू रहेंगे।













