Naxal Elimination Deadline March 2026 : रायपुर/बस्तर (4 फरवरी 2026)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार, 7 फरवरी की रात रायपुर पहुंचेंगे। यह दौरा नक्सलवाद के विरुद्ध चल रही लंबी लड़ाई के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। केंद्र सरकार ने देश से नक्सलवाद को पूरी तरह उखाड़ फेंकने के लिए 31 मार्च 2026 का लक्ष्य रखा है, और यह बैठक उस दिशा में ‘अंतिम सुरक्षा समीक्षा’ मानी जा रही है।
दौरे का मुख्य एजेंडा:
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हाई-लेवल समीक्षा बैठक (रायपुर): रविवार को रायपुर में होने वाली इस बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा तेलंगाना, महाराष्ट्र और ओडिशा के सुरक्षा अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। इसमें इंटेलिजेंस इनपुट, ऑपरेशनल प्रगति और अंतर-राज्यीय समन्वय पर चर्चा होगी।
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डेडलाइन पर फोकस: 31 मार्च की समयसीमा करीब होने के कारण, शाह सुरक्षा बलों को बस्तर के कोर इलाकों (Core Zones) में ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दे सकते हैं।
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पंडुम महोत्सव (बस्तर): बैठकों के बाद शाह बस्तर जाएंगे, जहां वे स्थानीय जनजातीय संस्कृति के प्रतीक ‘पंडुम महोत्सव’ के समापन समारोह में शिरकत करेंगे। यह बस्तर के लोगों में विश्वास बहाली और विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाने का प्रयास है।
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फीडबैक और जमीनी दौरा: संभावना है कि गृह मंत्री बस्तर के अंदरूनी इलाकों का दौरा कर सीधे ग्राउंड पर तैनात जवानों और फील्ड कमांडरों से चर्चा करें।
रणनीतिक महत्व
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दोगुनी रफ्तार: पिछले एक साल में 300 से अधिक नक्सलियों को ढेर किया जा चुका है और भारी मात्रा में आत्मसमर्पण हुए हैं। सरकार अब बचे हुए शीर्ष नेतृत्व को ‘न्यूट्रलाइज’ करने की तैयारी में है।
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विकास बनाम विनाश: शाह का स्पष्ट संदेश है कि जहाँ गोलियों की गूँज थी, वहां अब स्कूल की घंटियाँ और मशीनों की आवाज़ सुनाई देगी। जिन गाँवों से नक्सलवाद खत्म हो रहा है, उन्हें 1 करोड़ रुपये का विशेष विकास फंड देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
अमित शाह का यह दौरा स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार अब नक्सलवाद के मुद्दे पर ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘पूर्ण खात्मे’ के अपने वादे को पूरा करने के लिए अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है।













