नारायणपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नक्सलियों से संवाद करते हुए हिंसा छोड़ने और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की।
नक्सलियों से किया सरेंडर का आग्रह
मुख्यमंत्री ने कहा, “गोलीबारी की भाषा से किसी का भला नहीं हुआ है और ना होगा। विकास की मुख्यधारा से जुड़िए, आप लोगों के साथ सरकार अच्छा बर्ताव करेगी।” उन्होंने आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा और पुनर्वास का आश्वासन दिया।
#WATCH | Narayanpur | Chhattisgarh Chief Minister Vishnu Deo Sai says, “The Prime Minister and the Union Home Minister have announced a deadline of March 31, 2026, to completely eliminate Naxalism, and from the very beginning, we have been appealing to them to abandon violence.… https://t.co/JINKSzHHH9 pic.twitter.com/aOhf33LmY7
— ANI (@ANI) January 30, 2026
31 मार्च 2026 तक का समय
साथ ही साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 को आत्मसमर्पण की अंतिम डेडलाइन घोषित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अच्छी पुनर्वास नीति बनाई है और उसका परिणाम भी सकारात्मक रहा है।
अबूझमाड़ हाफ मैराथन में नक्सली भी भाग ले रहे
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि पहले नक्सली अबूझमाड़ हाफ मैराथन का विरोध करते थे, लेकिन आज आत्मसमर्पण करने के बाद वे कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
बस्तर ओलंपिक में सरेंडर किए लोग शामिल
साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले साल से शुरू किए गए बस्तर ओलंपिक में भी आत्मसमर्पित नक्सली सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार की विकास और पुनर्वास योजनाएं प्रभावी साबित हो रही हैं।
विकास और शांति के लिए सरकार का प्रयास
मुख्यमंत्री का कहना है कि बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास लाना सरकार की प्राथमिकता है। नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा छोड़कर अपने जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने का अवसर अपनाएं।













