Mungeli News :कई बार आदेश के बाद भी पूर्व सीईओ राजीव कुमार तिवारी ने नहीं कराया दिव्यांगता का भौतिक परीक्षण, कारण बताओ नोटिस जारी, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद फर्जी दिव्यांगों में खलबली

Sanjay Sahu
Ambikapur News

Mungeli News :मुंगेली। फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के मामलों की जांच के तहत जिला पंचायत मुंगेली ने विकास विस्तार अधिकारी राजीव कुमार तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तिवारी को 18 जुलाई 2025 को रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में दिव्यांगता परीक्षण के लिए उपस्थित होना था, लेकिन वे निर्धारित तिथि पर जांच के लिए नहीं पहुंचे।

 

Mungeli News :जिला पंचायत के कार्यालय से जारी नोटिस में कहा गया है कि सिम्स बिलासपुर में ऑडियोलॉजिस्ट उपलब्ध न होने के कारण उन्हें रायपुर रेफर किया गया था और इस बाबत विभागीय नोडल अधिकारी के साथ परीक्षण के निर्देश भी दिए गए थे। बावजूद इसके, तिवारी ने न तो परीक्षण में भाग लिया और न ही पूर्व सूचना दी।

Mungeli News :अब जिला पंचायत ने उन्हें तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है। यदि समय-सीमा में संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है, तो मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति उच्च कार्यालय को भेजी जाएगी।

Mungeli News :नोटिस की प्रति कलेक्टर, सीएमएचओ, जनपद पंचायत मुंगेली के सीईओ सहित रायपुर के ईएनटी विभागाध्यक्ष को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नोटिस की तामील तत्काल कराई जाए और उसकी प्राप्ति की पुष्टि जिला पंचायत कार्यालय को भेजी जाए।

Mungeli News :.फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले में एक और कर्मचारी जांच से नदारद

Mungeli News :फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय नौकरी कर रहे कर्मचारियों की जांच के तहत एक और मामला सामने आया है। श्रम विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 नरेन्द्र सिंह राजपूत को 18 जुलाई 2025 को रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के ईएनटी विभाग में जांच के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे निर्धारित तिथि को जांच के लिए उपस्थित नहीं हुए।

 

 

Mungeli News :कार्यालय श्रम पदाधिकारी, जिला मुंगेली द्वारा इस संबंध में श्रमायुक्त को भेजे गए पत्र में बताया गया कि नरेन्द्र सिंह राजपूत ने जांच में अनुपस्थित रहने के पीछे हाईकोर्ट बिलासपुर में लंबित याचिका WP(S) No. 4889/2024 का हवाला दिया है। उन्होंने स्थगन आदेश की प्रति भी प्रस्तुत की है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें जिन 17 कर्मचारियों की राज्य मेडिकल बोर्ड से जांच होनी थी, उस सूची (WP(S) No. 3472/2024) में उनका नाम शामिल नहीं है।

Mungeli News :राजपूत ने पत्र में मांग की है कि कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण उन्हें किसी भी प्रकार की दिव्यांगता संबंधी मेडिकल जांच से मुक्त रखा जाए, अन्यथा यह न्यायालय की अवमानना मानी जाएगी।

Mungeli News :इस संबंध में श्रम विभाग ने मामले की जानकारी समस्त संलग्न दस्तावेजों के साथ श्रमायुक्त, अटल नगर, रायपुर को अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी है। मामले की प्रति कलेक्टर मुंगेली को भी सूचनार्थ भेजी गई है।

 

 

 

Mungeli News :फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जांच मामले में नया मोड़: सरकारी कर्मचारी सत्यप्रकाश राठौर ने मेडिकल जांच से इनकार किया, कोर्ट का हवाला

Mungeli News :फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय नौकरी कर रहे सहायक ग्रेड-2 सत्यप्रकाश राठौर की दिव्यांगता की जांच के लिए जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय द्वारा निर्देश जारी किया गया था, जिसके तहत उन्हें 18 जुलाई 2025 को रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के ईएनटी विभाग में परीक्षण हेतु उपस्थित होना था।

Mungeli News :हालांकि, निर्धारित तिथि पर राठौर जांच के लिए उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने कार्यालय को एक अभ्यावेदन सौंपा, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट बिलासपुर में लंबित प्रकरण (WPS/5094/2024) का हवाला देते हुए कहा कि माननीय न्यायालय ने उनके मामले में अंतरिम राहत प्रदान की है और अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की पत्राचार अथवा कार्रवाई नहीं की जा सकती।

Mungeli News :श्री राठौर ने यह भी स्पष्ट किया कि वे राज्य मेडिकल बोर्ड जांच के लिए भेजे गए 17 कर्मचारियों की सूची में शामिल नहीं हैं और ना ही उनके नाम का उल्लेख आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रायपुर द्वारा जारी पत्र में किया गया है।

Mungeli News :इस पूरे मामले में जिला कार्यालय के प्रभारी अधिकारी की ओर से यह सूचना राज्य आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय नवा रायपुर को भेज दी गई है। कार्यालय ने जांच में अनुपस्थिति की पुष्टि करते हुए कोर्ट के आदेश को ध्यान में रख आवश्यक कार्यवाही हेतु पत्राचार किया है।

 

 

Mungeli News :मामले से जुड़े सभी दस्तावेज – कर्मचारी का अभ्यावेदन, कोर्ट आदेश, मेडिकल बोर्ड की सूची आदि – शासन को भेजे गए हैं। अब आगे की कार्रवाई उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर होगी।

 

https://www.youtube.com/watch?v=qpxSYJsOdDc

 

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