निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में ही गर्मी का असर तेजी से महसूस किया जा रहा है। बढ़ते तापमान से बचने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपनाने लगे हैं। राजधानी भोपाल में कई घरों को ग्रीन नेट से ढक दिया गया है ताकि तेज धूप सीधे दीवारों और खिड़कियों पर न पड़े और घर के अंदर का तापमान कम बना रहे।तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण प्रदेश के कई शहरों में जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है।
बड़े शहरों में दोपहर के समय सन्नाटा
भोपाल के साथ-साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और कई स्थानों पर सन्नाटा नजर आने लगा है।
लोग जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं और धूप से बचने के लिए सुबह और शाम के समय ही बाहर जाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश में गर्मी का असर बना रह सकता है। हालांकि मौसम में बदलाव के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 18 और 19 मार्च को प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश या हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। इससे तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है।
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ग्वालियर-चंबल में पश्चिमी विक्षोभ का असर
रविवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखने को मिला। इसके कारण आसमान में बादल छाए रहे और तापमान में लगभग 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, जिसके चलते आने वाले दिनों में फिर से तापमान बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
गर्मी से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के दौरान लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। दोपहर के समय धूप में निकलने से बचना, पर्याप्त पानी पीना और हल्के कपड़े पहनना जरूरी है।
मौसम विभाग लगातार प्रदेश के मौसम पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।











