[Nishaanebaz news] MP Weather: भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे समय से बारिश की कमी के बीच मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में सक्रिय मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। रविवार को हुई बारिश के बाद मंडला, डिंडोरी और विदिशा समेत कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर आ गए। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें पांच जिलों में करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं 16 अन्य जिलों में भारी बारिश और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
मंडला में नर्मदा का जलस्तर बढ़ा, पुल के ऊपर से बहा पानी
बारिश का असर मंडला में भी साफ दिखाई दे रहा है। नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। स्थिति को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन की ओर से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है।
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वहीं विदिशा के पठारी क्षेत्र में भी रहटी नदी का जलस्तर बढ़ गया। यहां नदी का पानी पुल के ऊपर से बहता नजर आया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
डिंडोरी में कच्चा मकान गिरा, 7 साल के बच्चे की मौत
MP Weather: भारी बारिश के बीच डिंडोरी जिले से दुखद खबर सामने आई है। करीब 6 इंच बारिश के बाद एक कच्चा मकान ढह गया। मलबे में दबने से 7 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण जिले का आसपास के क्षेत्रों से सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
उमरिया में भी बारिश के चलते संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध के पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
भोपाल में रातभर हुई बारिश
राजधानी भोपाल में रविवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सोमवार सुबह तक जारी रहा। कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने लगा। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में आने वाले घंटों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है।
प्रदेश में अब भी 19% बारिश की कमी
MP Weather: मानसून के सक्रिय होने के बावजूद मध्यप्रदेश में इस सीजन की कुल बारिश अभी सामान्य से नीचे बनी हुई है। प्रदेश में अब तक करीब 17.8 इंच यानी 453 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक औसतन करीब 22 इंच यानी 560 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी।
इस हिसाब से प्रदेश में अभी करीब 19 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी करीब 18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। हालांकि ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन जैसे कुछ जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
जून-जुलाई में कमजोर रहा मानसून
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक वर्तमान में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बढ़ी हैं। अगले दो दिनों तक इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। इसके बाद उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के आसपास नया चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसके प्रभाव से 13 अगस्त के आसपास एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हो सकता है। इससे प्रदेश में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 12 और 13 अगस्त को भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
आने वाले दिनों में और सक्रिय हो सकता है मानसून
MP Weather: जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, जबकि जुलाई में भी मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहा। इसी वजह से प्रदेश में अब तक बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि मौजूदा मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के बाद बारिश का आंकड़ा तेजी से सुधरने की उम्मीद है।
पूरे मानसून सीजन में मध्यप्रदेश में सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश किसानों और जलस्रोतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि भारी बारिश वाले जिलों में नदी-नालों के उफान और जलभराव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।



