MP SI Success Story: 36 की उम्र में दो बच्चों की मां बनीं सब इंस्पेक्टर, 3 बार फेल होने के बाद मधु ने हासिल की 25वीं रैंक

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MP SI Success Story: ग्वालियर। अगर इरादे मजबूत हों तो उम्र, नौकरी, शादी और परिवार की जिम्मेदारियां भी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकतीं। ग्वालियर की 36 वर्षीय मधु शर्मा ने अपनी मेहनत, लगन और हौसले से इसे साबित कर दिखाया है। दो बच्चों की मां मधु ने मध्य प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में महिला वर्ग में 25वीं रैंक हासिल कर अपने लंबे समय से देखे जा रहे पुलिस अधिकारी बनने के सपने को पूरा कर लिया।

मधु की सफलता इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने यह मुकाम पहली कोशिश में नहीं, बल्कि तीन बार असफल होने के बाद हासिल किया। वर्ष 2016, 2017 और 2018 में एसआई भर्ती परीक्षा देने वाली मधु हर बार प्रारंभिक और लिखित परीक्षा में सफल रहीं, लेकिन फिजिकल टेस्ट में चयन से चूक गईं। तीन असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार 2026 में अपने सपने को हकीकत में बदल दिया।

तीन बार लिखित परीक्षा पास, फिजिकल में अटकता रहा चयन

मधु ने वर्ष 2016, 2017 और 2018 में मध्य प्रदेश पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया। तीनों प्रयासों में उन्होंने प्रारंभिक और लिखित परीक्षा पास की, लेकिन फिजिकल टेस्ट में जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर सकीं।लगातार तीन बार फिजिकल में असफल होने के बाद भी उन्होंने पुलिस में जाने की अपनी इच्छा नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और जब दोबारा मौका मिला तो इस बार सबसे ज्यादा ध्यान फिटनेस और शारीरिक तैयारी पर लगाया।

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शादी के बाद दिल्ली में नौकरी, फिर परिवार की जिम्मेदारियां

MP SI Success Story: वर्ष 2013 में अभय शर्मा से शादी के बाद मधु दिल्ली चली गईं। उन्होंने गुरुग्राम की विप्रो कंपनी में क्वालिटी मैनेजर के रूप में नौकरी शुरू की। नौकरी के साथ रोजाना दिल्ली से गुरुग्राम आना-जाना और परिवार की जिम्मेदारियां संभालना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया।समय के साथ परिवार बढ़ा और वह दो बच्चों की मां बनीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने करियर और पुलिस में जाने के सपने को पूरी तरह खत्म नहीं होने दिया।

दो बच्चों की परवरिश के बीच तैयारी करना थी बड़ी चुनौती

मधु के बेटे कार्तिक और बेटी कास्वी हैं। दोनों बच्चों का जन्म सिजेरियन ऑपरेशन से हुआ। बच्चों की परवरिश, नौकरी और घर की जिम्मेदारियों के बीच प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था।

कई बार समय की कमी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण पढ़ाई के लिए पर्याप्त वक्त नहीं मिल पाता था, लेकिन मधु ने अपने लक्ष्य को प्राथमिकता देना जारी रखा। 2026 में एसआई भर्ती परीक्षा का मौका मिलने पर उन्होंने फिर से तैयारी शुरू की।

इस बार बदली रणनीति, फिजिकल टेस्ट पर लगाया पूरा जोर

MP SI Success Story: मधु ने इस बार अपनी पिछली असफलताओं को अपनी तैयारी का आधार बनाया। उन्हें पता था कि लिखित परीक्षा में वह पहले भी सफल होती रही हैं, लेकिन असली चुनौती फिजिकल टेस्ट था।उन्होंने ग्वालियर की एक फिजिकल एकेडमी में ट्रेनिंग शुरू की। नियमित एक्सरसाइज और कड़ी मेहनत के साथ उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया और करीब 10 किलो वजन कम किया।लगातार अभ्यास का नतीजा यह रहा कि इस बार उन्होंने फिजिकल टेस्ट भी सफलतापूर्वक पास कर लिया। इसके बाद मेडिकल परीक्षा में भी सफलता हासिल की और चयन का रास्ता साफ हो गया।

पति ने संभाली बच्चों की जिम्मेदारी, हर कदम पर मिला साथ

मधु की इस सफलता में उनके पति अभय शर्मा की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। जब मधु पढ़ाई और फिजिकल ट्रेनिंग में व्यस्त रहती थीं, तब अभय बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी संभालते थे।घर के काम और बच्चों की जिम्मेदारियों में सहयोग मिलने से मधु को अपनी तैयारी के लिए समय मिल सका। परिवार के इस सहयोग ने उनकी मेहनत को और मजबूत किया।

36 साल की उम्र में हासिल की 25वीं रैंक

कड़ी मेहनत, लगातार प्रयास और पिछली असफलताओं से सीख लेते हुए मधु ने आखिरकार मध्य प्रदेश पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा में महिला वर्ग में 25वीं रैंक हासिल कर ली।यह सफलता उनके लिए सिर्फ एक सरकारी नौकरी हासिल करना नहीं है, बल्कि वर्षों पुराने सपने के पूरा होने की कहानी है। तीन बार फिजिकल टेस्ट में असफल होने के बाद चौथे प्रयास में सफलता हासिल करना बताता है कि असफलता मंजिल का अंत नहीं, बल्कि बेहतर तैयारी का रास्ता भी बन सकती है।

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विप्रो की नौकरी छोड़ी, अब पुलिस की वर्दी पहनेंगी

MP SI Success Story: एसआई पद पर चयन के बाद मधु ने जुलाई 2026 में विप्रो की नौकरी छोड़ दी। अब वह मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के रूप में प्रशिक्षण लेंगी।मधु की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती हैं। 36 साल की उम्र, दो बच्चों की जिम्मेदारी, नौकरी और तीन असफलताओं के बावजूद लक्ष्य से पीछे न हटना उनकी सफलता को खास बनाता है।

मधु ने साबित कर दिया कि सपने पूरे करने की कोई तय उम्र नहीं होती। जरूरत सिर्फ लगातार मेहनत, सही रणनीति और असफलता के बाद फिर से उठकर प्रयास करने की होती है।

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