Friday, August 21, 2026
Home Madhya Pradesh Bhopal MP TET Dispute : 70 हजार शिक्षकों को राहत दिलाने फिर सुप्रीम...

MP TET Dispute : 70 हजार शिक्षकों को राहत दिलाने फिर सुप्रीम कोर्ट जाएगी ‘मोहन सरकार’

MP TET Dispute: एमपी टीईटी विवाद एक बार फिर चर्चा में है। मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से राहत दिलाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग नई कानूनी तैयारी कर रहा है। विभाग जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल करने की तैयारी में है। इसके लिए विधि विभाग और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से राय ली जा रही है।

एमपी टीईटी विवाद में स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों ने सरकारी चयन प्रक्रिया पूरी कर नौकरी हासिल की थी। ऐसे में उन्हें दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा देना उचित नहीं माना जाना चाहिए।विभाग का मानना है कि इन शिक्षकों की नियुक्ति पहले से तय नियमों और चयन प्रक्रिया के आधार पर हुई थी। इसी तर्क के साथ सुप्रीम कोर्ट में राहत की मांग की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट पहले दे चुका है आदेश
एमपी टीईटी विवाद के बीच यह भी महत्वपूर्ण है कि सुप्रीम कोर्ट पहले इस मामले में अपना फैसला सुना चुका है। सितंबर 2025 में अदालत ने संबंधित शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा अनिवार्य करने का आदेश दिया था।इसी आदेश के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की गई थी। अब विभाग उसी मामले में नए आधारों के साथ दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है।

कानूनी राय लेने की प्रक्रिया जारी
एमपी टीईटी विवाद को लेकर विभागीय अधिकारियों के अनुसार विधि विभाग और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों से विस्तृत कानूनी राय ली जा रही है। सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद अगले सप्ताह तक नई याचिका दायर की जा सकती है।हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट इस बार याचिका को किस आधार पर स्वीकार करेगा। फिलहाल विभाग कानूनी विकल्पों पर काम कर रहा है।
Read more: MP में में होगी भारी बारिश, भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम समेत 6 जिलों में ऑरेंज वार्निंग

डेढ़ लाख शिक्षकों पर पड़ेगा असर
एमपी टीईटी विवाद केवल 70 हजार शिक्षकों तक सीमित नहीं है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने अप्रैल 2026 में निर्देश जारी करते हुए बताया था कि वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों के लिए जुलाई-अगस्त 2026 में टीईटी आयोजित की जाएगी।इस निर्णय का असर प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षकों पर पड़ने वाला है। इसलिए यह मामला पूरे शिक्षा विभाग के लिए अहम माना जा रहा है।

शिक्षक संगठनों का विरोध जारी
एमपी टीईटी विवाद को लेकर शिक्षक संगठन लगातार विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि जिन शिक्षकों ने निर्धारित चयन प्रक्रिया पूरी करके वर्षों पहले नियुक्ति हासिल की थी, उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा देने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है।संगठनों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को अनुभव के आधार पर राहत मिलनी चाहिए। इसी मांग को लेकर वे लगातार सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील कर रहे हैं।

अगले सप्ताह सामने आ सकता है बड़ा फैसला
एमपी टीईटी विवाद में अब सबकी नजर स्कूल शिक्षा विभाग की प्रस्तावित याचिका पर है। यदि विभाग अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट पहुंचता है तो इस मामले में नई कानूनी बहस शुरू हो सकती है। फिलहाल शिक्षक और शिक्षा विभाग दोनों अदालत के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here