MP Drug Bust: मध्यप्रदेश में सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क का बड़ा खुलासा मऊगंज में फैक्ट्री, रीवा में 3 किलो ड्रग बरामद, जांच के घेरे में सप्लाई चेन

MP Drug Bust: रीवा/मऊगंज। मध्यप्रदेश के मऊगंज और रीवा जिलों में सिंथेटिक ड्रग के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई ने एक बड़े नशा तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा किया है। मऊगंज जिले में सिंथेटिक ड्रग बनाने की कथित फैक्ट्री का खुलासा होने के कुछ ही घंटों बाद रीवा पुलिस ने अलग कार्रवाई करते हुए 3 किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग बरामद की है। दोनों मामलों के तार एक-दूसरे से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे जांच और तेज कर दी गई है।

मऊगंज में फैक्ट्री का भंडाफोड़

MP Drug Bust: जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात पुलिस महानिरीक्षक (IG) के निर्देश पर मऊगंज पुलिस ने शाहपुर थाना क्षेत्र के बिजौली गांव में छापेमारी कर कथित सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान करीब 1 किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग बरामद की गई और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री में अवैध रूप से सिंथेटिक ड्रग तैयार की जा रही थी। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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रीवा में सप्लायर से 3 किलो सिंथेटिक ड्रग जब्त

मऊगंज कार्रवाई के अगले ही दिन रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई करते हुए एक कथित सप्लायर और उसके साथी को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 3 किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप महाराष्ट्र के नागपुर भेजी जानी थी।पुलिस का दावा है कि जब्त ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है।

दोनों मामलों के बीच कनेक्शन की चर्चा

MP Drug Bust: स्थानीय लोगों का कहना है कि मऊगंज में हुई कार्रवाई के दौरान अधिक मात्रा में सिंथेटिक ड्रग और कई संदिग्धों के पकड़े जाने की चर्चा थी। वहीं, मऊगंज मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों में से तीन का संबंध रीवा जिले के सोनबरसा गांव से बताया जा रहा है। इसके बाद दोनों जिलों में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, पुलिस ने अब तक दोनों मामलों के संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों घटनाएं एक ही नेटवर्क का हिस्सा हैं या अलग-अलग मॉड्यूल के जरिए संचालित की जा रही थीं।

कहां से आया प्रतिबंधित केमिकल?

MP Drug Bust: जांच का सबसे अहम पहलू यह है कि सिंथेटिक ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रसायन (केमिकल) सामान्य तौर पर केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी संस्थानों को ही उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कथित अवैध फैक्ट्री तक यह केमिकल आखिर पहुंचा कैसे और किसने इसकी सप्लाई की।

पुलिस अब इस पूरे सप्लाई नेटवर्क, केमिकल उपलब्ध कराने वाले स्रोतों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में कई और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।

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अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका

MP Drug Bust: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद सिंथेटिक ड्रग की खेप मध्यप्रदेश से बाहर भेजी जानी थी। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब ड्रग निर्माण, सप्लाई और वितरण से जुड़े पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

फिलहाल दोनों जिलों की पुलिस मामले की अलग-अलग और संयुक्त रूप से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और इसमें शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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