Indore News: इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में एक बीजेपी नेता के जन्मदिन समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ युवक रॉयल एनफील्ड बुलेट की साइलेंसर से तेज आवाज के साथ लगातार पटाखे फोड़ते दिखाई दे रहे हैं। घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और लोग सार्वजनिक स्थान पर इस तरह के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो विधानसभा क्षेत्र-2 के वार्ड क्रमांक 33 और 29 के बीजेपी मंडल अध्यक्ष पृथ्वी गोरे के जन्मदिन समारोह का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जन्मदिन के अवसर पर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और बाइक रैली के साथ जश्न मनाया। इसी दौरान कई युवकों ने बुलेट मोटरसाइकिल से लगातार तेज आवाज के साथ पटाखे फोड़े। बताया जा रहा है कि यह सिलसिला करीब 10 से 15 मिनट तक चलता रहा।
कॉलोनी के रहवासियों ने जताई नाराजगी
Indore News: स्थानीय लोगों का कहना है कि समारोह के दौरान अत्यधिक शोरगुल और तेज धमाकों से आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। रहवासियों के अनुसार, रात के समय लगातार तेज आवाज होने से बुजुर्ग, छोटे बच्चे और बीमार लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने इसे सार्वजनिक शांति भंग करने वाला कृत्य बताते हुए नाराजगी जताई है।
सोशल मीडिया पर उठे कानून पालन को लेकर सवाल
Indore News: वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अनेक यूजर्स का कहना है कि यदि कोई आम व्यक्ति इस प्रकार सार्वजनिक सड़क पर बाइक से पटाखे फोड़ते हुए पाया जाता, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाती। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या राजनीतिक कार्यक्रमों में नियमों का पालन अलग तरीके से किया जाता है।
कुछ लोगों ने इसे यातायात नियमों, ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं कई यूजर्स ने वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।
पुलिस की कार्रवाई का इंतजार
Indore News: फिलहाल इस मामले में पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि वायरल वीडियो की सत्यता और घटना के समय-स्थान की आधिकारिक पुष्टि की गई है या नहीं।
हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में यातायात नियमों, सार्वजनिक सुरक्षा या अन्य कानूनों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।







