Sehore Pickup Accident: सीहोर पिकअप हादसा ने एक बार फिर ओवरलोड मालवाहक वाहनों में मजदूरों की आवाजाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की रेहटी तहसील में धान रोपाई के लिए जा रहे मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला मजदूर की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे और किशोर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
सीहोर पिकअप हादसा रेहटी तहसील के भैसान गांव के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन में 40 से अधिक मजदूर सवार थे, जो धान रोपाई के लिए खेतों की ओर जा रहे थे। रास्ते में वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़ पड़े।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।
एक महिला की मौत, कई घायल
सीहोर पिकअप हादसा में घायल सभी लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे में एक महिला मजदूर की जान चली गई, जबकि कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।प्रशासन घायलों के इलाज की व्यवस्था में जुटा है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
ओवरलोड वाहन बना हादसे की वजह
सीहोर पिकअप हादसा की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पिकअप वाहन में तय क्षमता से कहीं अधिक मजदूर बैठे हुए थे। मालवाहक वाहन में यात्रियों को बैठाना नियमों के खिलाफ माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में मजदूरों को एक साथ ले जाया जा रहा था।प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन पूरी तरह भरा हुआ था, जिससे संतुलन बिगड़ने पर यह हादसा हुआ।
हर साल दोहराई जाती है यही लापरवाही
सीहोर पिकअप हादसा ने उस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं, जो हर साल धान रोपाई के मौसम में देखने को मिलती है। चकल्दी, लाड़कुई और आसपास के आदिवासी इलाकों से बड़ी संख्या में मजदूरों को खेतों तक पहुंचाने के लिए पिकअप और अन्य मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक लोगों को बैठाया जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
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कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहा खतरा
सीहोर पिकअप हादसा के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से ओवरलोड पिकअप वाहन खुलेआम चल रहे हैं, लेकिन इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।लोगों का मानना है कि यदि समय रहते नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई होती, तो इस तरह की दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता था।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
सीहोर पिकअप हादसा के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है और यह भी देखा जा रहा है कि वाहन नियमों के अनुसार चल रहा था या नहीं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।







