Vedanta plant accidents: वेदांता प्लांट हादसे पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष ने पूछा- अनिल अग्रवाल पर FIR कार्रवाई है या दबाव की रणनीति?

Sanjay Sahu
Vedanta plant accidents

Vedanta plant accidents: रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन वेदांता पावर प्लांट हादसे का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष ने हादसे में कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर और कार्रवाई को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

Vedanta plant accidents: प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य में पिछले दो वर्षों में हुई औद्योगिक दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि कितनी दुर्घटनाएं हुईं, उनके क्या कारण रहे और क्या जिन उद्योगों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि सेफ्टी ऑडिट कितने समय के अंतराल पर कराया जाना चाहिए।

Vedanta plant accidents: उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने जवाब में बताया कि खतरनाक रसायनों के निर्माण, भंडारण और उपयोग से जुड़े नियमों के तहत अधिकृत एजेंसियों से समय-समय पर सेफ्टी ऑडिट कराया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 32 कारखानों में अब तक सेफ्टी ऑडिट हो चुका है और जहां ऑडिट नहीं हुआ है, वहां नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान है।

Vedanta plant accidents: इसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट हादसे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मामले में केवल दो लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस पर मंत्री ने कहा कि अन्य जिम्मेदार लोगों को भी आरोपी बनाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग ने भी श्रम न्यायालय में प्रकरण दायर किया है।

Vedanta plant accidents: डॉ. महंत ने सवाल किया कि जब पुलिस दस्तावेजों में अनिल अग्रवाल का नाम दर्ज है, तो उनकी गिरफ्तारी या उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है। इस पर मंत्री ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

विधायक रामकुमार यादव ने कहा कि यह प्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित मजदूरों और उनके परिजनों को सरकार द्वारा घोषित पूरी सहायता राशि अब तक नहीं मिली है।

जवाब में उद्योग मंत्री ने बताया कि कंपनी ने मृतकों के आश्रितों को 35-35 लाख रुपये का मुआवजा दिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 5 लाख रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता देने की प्रक्रिया भी चल रही है।

Vedanta plant accidents: बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई तो लगा कि सरकार गंभीर है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भविष्य में भी किसी औद्योगिक हादसे में कंपनी के निदेशकों के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई होगी या यह केवल एक मामले तक सीमित है।

Vedanta plant accidents: भूपेश बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि क्या अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर केवल दबाव बनाने के लिए दर्ज की गई है और असली जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान उनकी भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के साथ तीखी बहस भी हुई। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

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