सुनील शर्मा/सीहोर| सीहोर जिले के ग्राम अमलाहा से बड़ी संख्या में किसान एकत्रित होकर ट्रैक्टर यात्रा निकालते हुए सीहोर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। किसानों का कहना है कि इस वर्ष उनकी सोयाबीन की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है, लेकिन उचित मुआवजा अभी तक उन्हें नहीं मिला।
किसानों की मांग है कि फसल की वास्तविक स्थिति का सही सर्वेक्षण कर उन्हें न्यायसंगत मुआवजा दिया जाए। किसान इस बात से परेशान और चिंतित हैं कि मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में मुआवजा राशि वितरित हो चुकी है, जबकि सीहोर जिले के किसानों को अब तक आर्थिक सहायता नहीं मिली है।
ट्रैक्टर यात्रा में करणी सेना प्रमुख ठाकुर जीवन सिंह शेरपुर सहित हजारों की संख्या में किसान शामिल हुए। सभी किसानों ने कलेक्ट्रेट में पहुँचकर ज्ञापन सौंपा और सरकार से आग्रह किया कि सीहोर जिले में भी जल्द से जल्द मुआवजा राशि वितरित की जाए, जिससे वे आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकें।
करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर: “हम किसानों की मांग लेकर आए हैं। सरकार को समय रहते फसल नुकसान का मुआवजा देना चाहिए, ताकि किसान अपने खर्च और खेती के नुकसान की भरपाई कर सकें।”
सोहन वर्मा, किसान: “हमारी सोयाबीन की फसल लगभग 80 प्रतिशत तक नष्ट हो चुकी है। मुआवजा न मिलने से हमारी आर्थिक स्थिति और बिगड़ रही है।”
किसानों की यह ट्रैक्टर यात्रा सशक्त आंदोलन और लोकतांत्रिक अधिकारों की याद दिलाने वाला प्रतीक बन गई।











