MP News : खजुराहो, मध्यप्रदेश | राजनगर तहसील कार्यालय में कार्यरत एसडीएम प्रशांत अग्रवाल पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगने के बाद क्षेत्र के अधिवक्ता वर्ग ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को वकीलों ने एकजुट होकर एसडीएम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और उनकी कार्यप्रणाली को जनता एवं न्याय प्रणाली के लिए “हानिकारक” बताया।
अधिवक्ताओं का आरोप – “न्याय प्रक्रिया बाधित, दलालों का बोलबाला”
स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि एसडीएम महीनों से लंबित पड़े मुकदमों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई ऐसे राजस्व वाद हैं, जिनकी सुनवाई जानबूझकर टाली जा रही है, जिससे आम जनता को लंबे समय तक परेशान होना पड़ रहा है।
वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम की कार्यशैली पक्षपातपूर्ण है और वे नियमों की अनदेखी करते हुए “दलालों को संरक्षण” प्रदान कर रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारी की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार ने तहसील प्रशासन में अव्यवस्था फैला दी है।
भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का भी आरोप
प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने एसडीएम पर “बेईमानी, कामचोरी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने” का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का प्रशासनिक रवैया न्याय व्यवस्था पर सीधा आघात है, और इससे जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है।
ज्ञापन सौंपने की तैयारी
अधिवक्ता संघ ने इस मुद्दे को लेकर जल्द ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। वे मांग कर रहे हैं कि एसडीएम प्रशांत अग्रवाल का तत्काल स्थानांतरण किया जाए और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए।
प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
घटना के बाद अब तक जिला प्रशासन या एसडीएम की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इससे पूरे मामले में और ज्यादा असमंजस की स्थिति बन गई है और जनता के बीच असंतोष पनप रहा है।









