रीवा/मनगवां। थाना मनगवां पुलिस ने परियोजना अधिकारी से हुई लूट की वारदात का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से लूटी गई नकदी, मोबाइल, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य सामान बरामद किए हैं। साथ ही एक लाल रंग की ब्रेज़ा कार, एक देशी पिस्टल, दो कट्टे और 16 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं।
घटना 11 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे NH-30 पर ग्राम समान के पास हुई थी, जब परियोजना अधिकारी दीपक मिश्रा अपनी कार (MP18 ZB 6343) से जबलपुर से त्योंथर लौट रहे थे। तभी लाल रंग की बिना नंबर की ब्रेज़ा कार में सवार चार अज्ञात युवकों ने रास्ते में उनकी गाड़ी रोकी और हथियार दिखाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया।
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अगले दिन 12 अक्टूबर को फरियादी दीपक मिश्रा ने थाना मनगवां में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के बाद एसपी रीवा शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को चिन्हित कर दबिश दी और चारों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नौशाद अहमद, मो. फैजान, गुलजार उर्फ रिजवान खान और दिलशाद अली के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे अन्य वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मामले में एक नाटकीय मोड़ तब आया जब चारों आरोपियों को मनगवां से रीवा कंट्रोल रूम लाया जा रहा था। शहर के भीतर ट्रैफिक अधिक होने के कारण एक आरोपी पुलिस वाहन से कूदकर भाग निकला, लेकिन पुलिस की तत्परता से उसे कुछ ही देर में फिर से पकड़ लिया गया।
हालांकि इस घटना ने सुरक्षा और पुलिस की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना हथकड़ी के आरोपी को लाने पर कई तरह की चर्चाएं तेज हैं। इस पर एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने कहा —
“मामले की जांच कराई जाएगी, दोषी पाए जाने वाले को सजा और अच्छे काम करने वाले पुलिसकर्मियों को इनाम दिया जाएगा।”
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और पूरे मामले की आगे की जांच जारी है।











