छिंदवाड़ा। गंदे पानी के सेवन से बीमार हुई 36 वर्षीय महिला दुर्गा चंद्रवंशी की रविवार सुबह जिला अस्पताल में मौत हो गई। परिजन शनिवार शाम महिला को अस्पताल लेकर आए थे, लेकिन इलाज के दौरान महिला की मौत हो जाने पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल के गेट पर शव रखकर हंगामा किया।
राजोला गांव में दस दिन पहले भी दूषित पानी पीने से 200 से अधिक लोग बीमार हो चुके थे। दुर्गा चंद्रवंशी भी इसी बीमारी से पीड़ित थीं। परिजनों का आरोप है कि महिला के पेट में तेज दर्द था, लेकिन अस्पताल में उन्हें उचित इलाज नहीं मिला। उन्होंने मृतिका के लिए न्याय और अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त हो गया। परिजन ने कहा कि यदि समय पर इलाज होता तो उनकी प्रिय महिला की जान बच सकती थी। इस मामले ने ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी बढ़ा दी है।
छिंदवाड़ा के तहसीलदार राजेश मरावी ने बताया कि उन्होंने परिजनों की शिकायत सुनी है और मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. रवि तांडेकर ने भी कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की पूरी जांच की जा रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर स्थिति पर नियंत्रण पाने का प्रयास कर रहे हैं।











