MP NEWS : सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में राजस्व अधिकारियों – तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों – की हड़ताल के दूसरे दिन भी जिलेभर में प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप रहा। तहसीलों में किसानों, पक्षकारों और अधिवक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकारी कलेक्ट्रेट के करुणा भवन में धरने पर बैठे रहे।
MP NEWS : राजस्व अधिकारियों का कहना है कि न्यायिक और गैर न्यायिक दो वर्गों में विभाजन की योजना पहले विरोध के चलते स्थगित की गई थी, जिसे अब फिर से लागू किया जा रहा है। यह विभाजन पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 12 जिलों में शुरू किया जाना था, जिसमें राजस्व न्यायालयों को मर्ज नहीं किया जाना था और गैर न्यायिक अधिकारियों को पर्याप्त संसाधन दिए जाने की बात थी।
MP NEWS : हालांकि, संवर्ग के विरोध के बावजूद यह योजना धार, भिंड, खरगोन, बालाघाट, मंदसौर, देवास, कटनी, मंडला और रीवा जैसे 9 अन्य जिलों में लागू कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि बिना न्यूनतम स्टाफ और संसाधनों के इस व्यवस्था को लागू करना अव्यवहारिक है।
MP NEWS : अधिकारियों ने बताया कि इस फैसले से न केवल न्यायिक प्रक्रिया बाधित होगी, बल्कि कार्यपालक मजिस्ट्रेट के तौर पर कार्यरत राजस्व अधिकारियों को भारी कार्यदबाव और असुविधा होगी। इसको लेकर अधिकारियों ने एक बार फिर राजस्व मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को दोहराया है और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।













